शनि गोचर
शनि हर राशि में लगभग ढाई वर्ष रहता है। इसका गोचर आपकी चंद्र राशि से पढ़ा जाता है। शनि के बारे में
शनि अभी मीन में है (15.8°, उत्तर भाद्रपद, वक्री)।
वर्ष भर शनि
2026
2027
- अग्नि राशि
- पृथ्वी राशि
- वायु राशि
- जल राशि
- वक्री: पृथ्वी से देखने पर ग्रह पीछे चलता दिखता है
- आज
धारीदार पट्टी (////) वक्री समय दिखाती है: कुछ समय के लिए ग्रह पृथ्वी से देखने पर राशियों में पीछे चलता दिखता है।
राशि परिवर्तन
| शनि मेष में प्रवेश | 3 जून 2027, 05:29 |
| शनि मीन में प्रवेश | 20 अक्टूबर 2027, 07:13 |
वक्री काल
| से | तक |
|---|---|
| 27 जुलाई 2026 | 11 दिसंबर 2026 |
| 9 अगस्त 2027 | 24 दिसंबर 2027 |
आपकी चंद्र राशि के लिए इसका अर्थ
भाव आपकी चंद्र राशि से गिने जाते हैं (चंद्र कुंडली), जो गोचर पढ़ने का पारंपरिक तरीका है: आपकी चंद्र राशि पहला भाव है, उसके बाद की राशि दूसरा, और इसी तरह आगे। ये आपके लग्न से नहीं गिने जाते, जिसके लिए जन्म का सही समय चाहिए। शनि अभी मीन में है, इसलिए मीन चंद्र राशि के लिए यह पहला भाव है और मेष चंद्र राशि के लिए बारहवाँ। अपनी चंद्र राशि नहीं जानते? अपनी चंद्र राशि जानें।
| चंद्र राशि | भाव | इसका अर्थ |
|---|---|---|
| मेष | बारहवाँ | साढ़े साती का आरंभिक चरण: खर्च बढ़ सकते हैं और ऊर्जा घट सकती है, इसलिए धन की योजना बनाएँ और अपनी गति सँभालें। |
| वृषभ | ग्यारहवाँ | अक्सर फलदायी गोचर: स्थिर लाभ और भरोसेमंद मित्र; लंबी मेहनत के फल दिखने लगते हैं। |
| मिथुन | दसवाँ | कंटक शनि: काम की ज़िम्मेदारियाँ बढ़ती हैं; स्थिर, ईमानदार मेहनत दिखती है, पर पहचान धीरे आती है। |
| कर्क | नौवाँ | भाग्य धीमा लगता है; बड़ों और गुरुजनों का सम्मान करें और लगातार मेहनत पर भरोसा रखें। |
| सिंह | आठवाँ | अष्टम शनि: धीरे चलें, योजनाएँ सरल रखें, जोखिम से बचें और अपनी दिनचर्या पर टिके रहें। |
| कन्या | सातवाँ | कंटक शनि: साझेदारी धैर्य और साफ़ समझौते माँगती है; यात्रा की योजना सावधानी से बनाएँ। |
| तुला | छठा | सहायक गोचर: आप प्रतियोगिता पर जीत पाते हैं और ऋण व रुके काम निपटाते हैं। |
| वृश्चिक | पाँचवाँ | पढ़ाई और रचनात्मक योजनाएँ धीरे चलती हैं; संतान और लंबे लक्ष्यों के साथ धैर्य रखें। |
| धनु | चौथा | कंटक शनि: घर और मन की शांति ध्यान माँगते हैं; बेवजह स्थान बदलने से बचें। |
| मकर | तीसरा | सहायक गोचर: मेहनत का फल मिलता है, साहस बढ़ता है और बाधाएँ कम होती हैं। |
| कुंभ | दूसरा | साढ़े साती का अंतिम चरण: खर्च और वाणी पर ध्यान दें; पारिवारिक विषय धैर्य माँगते हैं। |
| मीन | पहला | चंद्र राशि पर शनि, साढ़े साती का मध्य चरण: कठिन समय, इसलिए धैर्य से काम करें, दिनचर्या स्थिर रखें और जल्दबाज़ी के फ़ैसले न लें। |