गुरु गोचर
गुरु हर राशि में लगभग एक वर्ष रहता है। इसका गोचर आपकी चंद्र राशि से पढ़ा जाता है। गुरु के बारे में
गुरु अभी कर्क में है (28.6°, आश्लेषा)।
वर्ष भर गुरु
2026
2027
- अग्नि राशि
- पृथ्वी राशि
- वायु राशि
- जल राशि
- वक्री: पृथ्वी से देखने पर ग्रह पीछे चलता दिखता है
- आज
धारीदार पट्टी (////) वक्री समय दिखाती है: कुछ समय के लिए ग्रह पृथ्वी से देखने पर राशियों में पीछे चलता दिखता है।
राशि परिवर्तन
| गुरु कर्क में प्रवेश | 2 जून 2026, 01:51 |
| गुरु सिंह में प्रवेश | 31 अक्टूबर 2026, 12:03 |
| गुरु कर्क में प्रवेश | 25 जनवरी 2027, 01:32 |
| गुरु सिंह में प्रवेश | 26 जून 2027, 05:20 |
| गुरु कन्या में प्रवेश | 26 नवंबर 2027, 18:45 |
वक्री काल
| से | तक |
|---|---|
| पिछले वर्ष से | 11 मार्च 2026 |
| 13 दिसंबर 2026 | 13 अप्रैल 2027 |
आपकी चंद्र राशि के लिए इसका अर्थ
भाव आपकी चंद्र राशि से गिने जाते हैं (चंद्र कुंडली), जो गोचर पढ़ने का पारंपरिक तरीका है: आपकी चंद्र राशि पहला भाव है, उसके बाद की राशि दूसरा, और इसी तरह आगे। ये आपके लग्न से नहीं गिने जाते, जिसके लिए जन्म का सही समय चाहिए। गुरु अभी कर्क में है, इसलिए कर्क चंद्र राशि के लिए यह पहला भाव है और मेष चंद्र राशि के लिए चौथा। अपनी चंद्र राशि नहीं जानते? अपनी चंद्र राशि जानें।
| चंद्र राशि | भाव | इसका अर्थ |
|---|---|---|
| मेष | चौथा | ध्यान घर और मन की शांति पर जाता है; पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ बढ़ती हैं, इसलिए संपत्ति के फ़ैसले सोच-समझकर लें। |
| वृषभ | तीसरा | मेहनत और छोटे कदमों का वर्ष; फल उम्मीद से धीरे आते हैं, इसलिए लगे रहें और बेचैनी में बदलाव न करें। |
| मिथुन | दूसरा | गुरु पारिवारिक मेलजोल, बचत और मधुर वाणी के अनुकूल रहता है। |
| कर्क | पहला | चंद्र राशि पर गुरु: आत्म-परीक्षण का वर्ष; शुरुआती अनिश्चितता के बाद विकास आता है, इसलिए ज़रूरत से ज़्यादा ज़िम्मेदारियाँ न लें। |
| सिंह | बारहवाँ | व्यय और दूर के विषय बढ़ते हैं; दान, यात्रा और अध्ययन के लिए अच्छा, धन के मामले में सावधान रहें। |
| कन्या | ग्यारहवाँ | अक्सर फलदायी वर्ष: लाभ और मित्र आसानी से मिलते हैं और योजनाएँ आगे बढ़ती हैं। |
| तुला | दसवाँ | काम में बदलाव और ज़िम्मेदारियाँ बढ़ती हैं; स्थिर रहें और काम पर अहं के टकराव से बचें। |
| वृश्चिक | नौवाँ | गुरु के अच्छे वर्षों में से एक: भाग्य, गुरुजन, लंबी यात्राएँ और आस्था साथ देते हैं। |
| धनु | आठवाँ | धीरे चलने का वर्ष: अचानक बदलाव संभव हैं, इसलिए कुछ बचाकर रखें और बड़े जोखिम से बचें। |
| मकर | सातवाँ | साझेदारी और विवाह से जुड़े विषयों के लिए अच्छा; समझौते और मुलाक़ातें अच्छी चलती हैं। |
| कुंभ | छठा | प्रतियोगिता और रोज़ के दबाव बढ़ते हैं; काम और ऋण को सावधानी से सँभालें और विवाद से बचें। |
| मीन | पाँचवाँ | पढ़ाई, रचनात्मक काम, प्रेम और संतान से जुड़े विषयों के लिए अनुकूल वर्ष; अच्छी सलाह आसानी से मिलती है। |