अहमदाबाद का आज का पंचांग — 21 अक्टूबर 2026

आपके शहर के लिए हिंदू पंचांग: पाँचों अंग और हर एक के समाप्त होने का समय, दिन के शुभ मुहूर्त, टालने वाले काल और चौघड़िया।

बुधवार, 21 अक्टूबर 2026, अहमदाबाद: शुक्ल दशमी तिथि 14:12 तक, धनिष्ठा नक्षत्र 19:48 तक, सूर्योदय 06:38, राहु काल 12:24 – 13:50।

अहमदाबाद में आज सूर्योदय 06:38 पर है, नई दिल्ली से 14 मिनट बाद, इसलिए यहाँ राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त अपने ही समय पर पड़ते हैं।

अपने शहर का पंचांग →

अहमदाबाद · बुधवार, 21 अक्टूबर 2026

अहमदाबाद में बुधवार, 21 अक्टूबर

तिथि
शुक्ल दशमी 14:12 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 19:48 तक
मास
आश्विन
सूर्य
उदय 06:38, अस्त 18:09
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त, 04:59 – 05:48
राहु काल
12:24 – 13:50

घड़ी, चौघड़िया और सभी समय ↓

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:48
अभिजित मुहूर्त
12:01 – 12:47 (परंपरा में बुधवार को उपयोग नहीं होता)

टालने वाला समय

राहु काल
12:24 – 13:50
यमगंड
08:05 – 09:31
गुलिक काल
10:57 – 12:24

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चौघड़िया

अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं; चर सामान्य है; उद्वेग, रोग और काल टाले जाते हैं।

दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)
चौघड़ियासमय
लाभ06:38 – 08:05
अमृत08:05 – 09:31
काल09:31 – 10:57
शुभ10:57 – 12:24
रोग12:24 – 13:50
उद्वेग13:50 – 15:16
चर15:16 – 16:43
लाभ16:43 – 18:09
रात (सूर्यास्त से सूर्योदय)
चौघड़ियासमय
उद्वेग18:09 – 19:43
शुभ19:43 – 21:17
अमृत21:17 – 22:50
चर22:50 – 00:24, 22 अक्टूबर
रोग00:24, 22 अक्टूबर – 01:58, 22 अक्टूबर
काल01:58, 22 अक्टूबर – 03:31, 22 अक्टूबर
लाभ03:31, 22 अक्टूबर – 05:05, 22 अक्टूबर
उद्वेग05:05, 22 अक्टूबर – 06:39, 22 अक्टूबर

पंचांग घड़ी

एक चक्कर पूरा दिन है: ऊपर दोपहर, नीचे आधी रात। किसी भी हिस्से पर टैप करें और उसका अर्थ देखें।

लाभअमृतकालशुभरोगउद्वेगचरलाभउद्वेगशुभअमृतचररोगकाललाभउद्वेगब्रह्मअभिजितराहुयमगुलिकआधी रात1234567891011दोपहर 121314151617181920212223☀︎ दिन☾ रातसूर्योदय 06:38सूर्यास्त 18:09बुधवार21 अक्टूबर

घड़ी के किसी भी हिस्से पर टैप या क्लिक करें और उसका अर्थ देखें।

शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त, 04:59 – 05:48
  • लाभ, 06:38 – 08:05
  • अमृत, 08:05 – 09:31
  • शुभ, 10:57 – 12:24
  • लाभ, 16:43 – 18:09

परंपरा से टाला जाने वाला समय

  • यमगंड, 08:05 – 09:31
  • गुलिक काल, 10:57 – 12:24
  • राहु काल, 12:24 – 13:50
हर हिस्से का अर्थ
  • ब्रह्म मुहूर्त (04:59 – 05:48): सूर्योदय से पहले का डेढ़ घंटा, जिसे परंपरा प्रार्थना, अध्ययन और ध्यान के लिए रखती है।
  • अभिजित मुहूर्त (12:01 – 12:47): दोपहर का एक समय, जिसे परंपरा शुरुआत के लिए शुभ मानती है। आज बुधवार है, जब परंपरा में इसका उपयोग नहीं होता।
  • राहु काल (12:24 – 13:50): रोज़ का एक समय, जिसे परंपरा नया काम शुरू करने के लिए नहीं चुनती।
  • यमगंड (08:05 – 09:31): रोज़ का एक समय, जिसे परंपरा नई शुरुआत या यात्रा पर निकलने के लिए नहीं चुनती।
  • गुलिक काल (10:57 – 12:24): रोज़ का एक समय, जिसे परंपरा नई शुरुआत के लिए नहीं चुनती।
  • अमृत चौघड़िया: परंपरा में सबसे शुभ चौघड़िया, हर काम के लिए अच्छा माना जाता है।
  • शुभ चौघड़िया: परंपरा में संस्कार, विवाह और पूजा के लिए अच्छा माना जाता है।
  • लाभ चौघड़िया: परंपरा में व्यापार, पढ़ाई और नई ख़रीदारी के लिए अच्छा माना जाता है।
  • चर चौघड़िया: सामान्य चौघड़िया, परंपरा में यात्रा और चलते-फिरते काम के लिए उपयुक्त।
  • उद्वेग चौघड़िया: परंपरा नई शुरुआत के लिए इसे नहीं चुनती; रोज़ का और सरकारी काम सामान्य रूप से चलता है।
  • रोग चौघड़िया: परंपरा नई शुरुआत के लिए इसे नहीं चुनती।
  • काल चौघड़िया: परंपरा नई शुरुआत के लिए इसे नहीं चुनती; इसे स्थिर, चलते रहने वाले काम के लिए रखती है।

आज का चंद्रमा

शुक्ल दशमी

14:12 पर समाप्त

70% प्रकाशित · बढ़ता हुआ

पाँच अंग

तिथि
शुक्ल दशमी 14:12 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 19:48 तक
योग
गण्ड 00:33, 22 अक्टूबर तक
करण
गर 14:12 तक, वणिज 02:36, 22 अक्टूबर तक
वार
बुधवार (बुधवार)
मास
आश्विन (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
विक्रम संवत
2083

पंचांग के पाँच अंग

तिथि
चंद्र दिवस: चंद्रमा सूर्य से हर 12° आगे बढ़ने पर एक तिथि। तीस तिथियों का एक चंद्र मास।
वार
सप्ताह का दिन, सूर्योदय से सूर्योदय तक गिना जाता है, और हर वार का एक स्वामी ग्रह है।
नक्षत्र
चंद्रमा का नक्षत्र: राशिचक्र के 13°20′ के 27 भागों में से एक।
योग
सूर्य और चंद्रमा के भोगांशों के योग के 27 भागों में से एक।
करण
आधी तिथि: हर चंद्र दिवस में दो, ग्यारह करणों के चक्र से।

पंचांग क्या है?

पंचांग दिन का हिंदू कैलेंडर है। इसका अर्थ है “पाँच अंग”: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये मिलकर दिन का स्वभाव बताते हैं और पूजा, व्रत, त्योहार और नई शुरुआत के लिए शुभ समय चुनने में काम आते हैं।

आज का पंचांग कैसे पढ़ें

हर अंग दिखाए गए समय तक चलता है, फिर अगला शुरू होता है — तिथि या नक्षत्र दिन में बदल सकता है। परंपरा से दिन का नाम सूर्योदय के समय चल रही तिथि से होता है, इसलिए त्योहार आपके शहर के सूर्योदय से तय होते हैं।

पाँच अंगों के नीचे दिन के शुभ समय (ब्रह्म और अभिजित मुहूर्त), परंपरा से टाले जाने वाले समय (राहु काल, यमगंड और गुलिक) और दिन-रात का चौघड़िया है। आज का शुभ मुहूर्त

शहर के हिसाब से क्यों बदलता है

भारत में सूर्योदय और सूर्यास्त में एक घंटे से ज़्यादा का अंतर है, और मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया इन्हीं से गिने जाते हैं। अपने स्थान के सही समय के लिए ऊपर अपना शहर चुनें।

प्रश्न

पंचांग क्या है?

दिन का हिंदू कैलेंडर: इसके पाँच अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हैं, हर एक के समाप्त होने के समय के साथ।

आज कौन सी तिथि है?

ऊपर दिखाई गई तिथि आपके शहर में सूर्योदय के समय चल रही तिथि है, उसके समाप्त होने के समय के साथ; तब अगली तिथि शुरू होती है।

क्या पूरे भारत में पंचांग एक जैसा होता है?

अंग हर जगह एक ही क्षण बदलते हैं, पर सूर्योदय शहर के हिसाब से अलग होता है, इसलिए दिन की तिथि, मुहूर्त और राहु काल अलग हो सकते हैं। सही समय के लिए अपना शहर चुनें।

आज राहु काल कब है?

दिन का लगभग डेढ़ घंटा, जिसे परंपरा से नई शुरुआत के लिए टाला जाता है; आपके शहर के लिए इसका समय ऊपर दिखाया गया है।

अमांत या पूर्णिमांत महीना?

दोनों दिखाए गए हैं: अमांत महीने अमावस्या पर समाप्त होते हैं (दक्षिण और पश्चिम के बड़े हिस्से में), पूर्णिमांत महीने पूर्णिमा पर (उत्तर में)।

इसकी गणना कैसे होती है?

सूर्य और चंद्रमा की सटीक स्थिति (स्विस एफ़िमेरिस, लाहिड़ी अयनांश) और आपके शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से।