पंचांग 2099: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2099 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2099 में 13 पूर्णिमा, 12 अमावस्या और 25 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2099 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीपौष6 जनवरी20 जनवरी3 जनवरी, 17 जनवरीमकर संक्रांति (15 जनवरी), वसंत पंचमी (26 जनवरी)
फ़रवरीमाघ5 फ़रवरी19 फ़रवरी1 फ़रवरी, 15 फ़रवरीमहाशिवरात्रि (18 फ़रवरी)
मार्चफाल्गुन6 मार्च21 मार्च3 मार्च, 17 मार्चहोलिका दहन (6 मार्च), होली (7 मार्च), चैत्र नवरात्रि आरंभ (22 मार्च), राम नवमी (30 मार्च)
अप्रैलचैत्र5 अप्रैल20 अप्रैल1 अप्रैल, 16 अप्रैलहनुमान जयंती (5 अप्रैल), अक्षय तृतीया (23 अप्रैल)
मईवैशाख4 मई19 मई1 मई, 16 मई, 30 मईवट सावित्री (20 मई)
जूनज्येष्ठ2 जून18 जून14 जून, 28 जूनरथ यात्रा (20 जून)
जुलाईआषाढ़2 जुलाई, 31 जुलाई17 जुलाई14 जुलाई, 28 जुलाईगुरु पूर्णिमा (2 जुलाई)
अगस्तश्रावण30 अगस्त16 अगस्त12 अगस्त, 26 अगस्तनाग पंचमी (20 अगस्त), रक्षाबंधन (30 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद29 सितंबर14 सितंबर11 सितंबर, 25 सितंबरजन्माष्टमी (7 सितंबर), गणेश चतुर्थी (17 सितंबर), हरतालिका तीज (17 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन28 अक्टूबर13 अक्टूबर10 अक्टूबर, 24 अक्टूबरशारदीय नवरात्रि आरंभ (14 अक्टूबर), दुर्गा अष्टमी (21 अक्टूबर), दशहरा (विजयादशमी) (23 अक्टूबर), शरद पूर्णिमा (28 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक27 नवंबर12 नवंबर8 नवंबर, 23 नवंबरकरवा चौथ (1 नवंबर), धनतेरस (10 नवंबर), दीवाली (11 नवंबर), नरक चतुर्दशी (11 नवंबर), भाई दूज (13 नवंबर), गोवर्धन पूजा (13 नवंबर), छठ पूजा (18 नवंबर), कार्तिक पूर्णिमा (27 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष27 दिसंबर11 दिसंबर8 दिसंबर, 23 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।