पंचांग 2085: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2085 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2085 में 13 पूर्णिमा, 12 अमावस्या और 25 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2085 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीपौष10 जनवरी25 जनवरी6 जनवरी, 22 जनवरीमकर संक्रांति (15 जनवरी), वसंत पंचमी (29 जनवरी)
फ़रवरीमाघ9 फ़रवरी23 फ़रवरी5 फ़रवरी, 20 फ़रवरीमहाशिवरात्रि (22 फ़रवरी)
मार्चफाल्गुन11 मार्च25 मार्च7 मार्च, 22 मार्चहोलिका दहन (11 मार्च), होली (12 मार्च), चैत्र नवरात्रि आरंभ (26 मार्च)
अप्रैलचैत्र9 अप्रैल23 अप्रैल5 अप्रैल, 20 अप्रैलराम नवमी (3 अप्रैल), हनुमान जयंती (10 अप्रैल), अक्षय तृतीया (26 अप्रैल)
मईवैशाख9 मई23 मई5 मई, 19 मईवट सावित्री (23 मई)
जूनज्येष्ठ7 जून21 जून4 जून, 18 जूनरथ यात्रा (24 जून)
जुलाईआषाढ़7 जुलाई21 जुलाई3 जुलाई, 17 जुलाईगुरु पूर्णिमा (7 जुलाई), नाग पंचमी (27 जुलाई)
अगस्तश्रावण5 अगस्त19 अगस्त2 अगस्त, 15 अगस्त, 31 अगस्तरक्षाबंधन (5 अगस्त), जन्माष्टमी (12 अगस्त), हरतालिका तीज (23 अगस्त), गणेश चतुर्थी (24 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद3 सितंबर18 सितंबर14 सितंबर, 29 सितंबरशारदीय नवरात्रि आरंभ (20 सितंबर), दुर्गा अष्टमी (27 सितंबर), दशहरा (विजयादशमी) (28 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन3 अक्टूबर18 अक्टूबर14 अक्टूबर, 29 अक्टूबरशरद पूर्णिमा (2 अक्टूबर), करवा चौथ (6 अक्टूबर), धनतेरस (15 अक्टूबर), नरक चतुर्दशी (17 अक्टूबर), दीवाली (18 अक्टूबर), गोवर्धन पूजा (19 अक्टूबर), भाई दूज (20 अक्टूबर), छठ पूजा (24 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक1 नवंबर16 नवंबर13 नवंबर, 27 नवंबरकार्तिक पूर्णिमा (1 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष1 दिसंबर, 30 दिसंबर16 दिसंबर12 दिसंबर, 26 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।