पंचांग 2082: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2082 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2082 में 12 पूर्णिमा, 12 अमावस्या और 25 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2082 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीपौष14 जनवरी28 जनवरी10 जनवरी, 24 जनवरीमकर संक्रांति (15 जनवरी)
फ़रवरीमाघ13 फ़रवरी27 फ़रवरी9 फ़रवरी, 23 फ़रवरीवसंत पंचमी (2 फ़रवरी), महाशिवरात्रि (25 फ़रवरी)
मार्चफाल्गुन14 मार्च28 मार्च11 मार्च, 24 मार्चहोलिका दहन (14 मार्च), होली (15 मार्च), चैत्र नवरात्रि आरंभ (30 मार्च)
अप्रैलचैत्र12 अप्रैल27 अप्रैल9 अप्रैल, 23 अप्रैलराम नवमी (7 अप्रैल), हनुमान जयंती (13 अप्रैल)
मईवैशाख12 मई27 मई8 मई, 23 मईअक्षय तृतीया (1 मई), वट सावित्री (27 मई)
जूनज्येष्ठ10 जून25 जून7 जून, 22 जूनरथ यात्रा (28 जून)
जुलाईआषाढ़9 जुलाई25 जुलाई6 जुलाई, 21 जुलाईगुरु पूर्णिमा (10 जुलाई), नाग पंचमी (30 जुलाई)
अगस्तश्रावण8 अगस्त23 अगस्त4 अगस्त, 20 अगस्तरक्षाबंधन (8 अगस्त), जन्माष्टमी (17 अगस्त), हरतालिका तीज (26 अगस्त), गणेश चतुर्थी (27 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद6 सितंबर22 सितंबर3 सितंबर, 18 सितंबरशारदीय नवरात्रि आरंभ (23 सितंबर), दुर्गा अष्टमी (29 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन6 अक्टूबर21 अक्टूबर2 अक्टूबर, 18 अक्टूबरदशहरा (विजयादशमी) (1 अक्टूबर), शरद पूर्णिमा (5 अक्टूबर), करवा चौथ (10 अक्टूबर), धनतेरस (19 अक्टूबर), नरक चतुर्दशी (20 अक्टूबर), दीवाली (21 अक्टूबर), गोवर्धन पूजा (22 अक्टूबर), भाई दूज (23 अक्टूबर), छठ पूजा (26 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक5 नवंबर19 नवंबर1 नवंबर, 16 नवंबर, 30 नवंबरकार्तिक पूर्णिमा (5 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष4 दिसंबर19 दिसंबर15 दिसंबर, 30 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।