पंचांग 2077: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2077 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2077 में 13 पूर्णिमा, 12 अमावस्या और 25 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2077 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीपौष8 जनवरी24 जनवरी5 जनवरी, 20 जनवरीमकर संक्रांति (14 जनवरी), वसंत पंचमी (28 जनवरी)
फ़रवरीमाघ7 फ़रवरी22 फ़रवरी3 फ़रवरी, 19 फ़रवरीमहाशिवरात्रि (21 फ़रवरी)
मार्चफाल्गुन9 मार्च24 मार्च5 मार्च, 20 मार्चहोलिका दहन (8 मार्च), होली (9 मार्च), चैत्र नवरात्रि आरंभ (25 मार्च)
अप्रैलचैत्र8 अप्रैल22 अप्रैल4 अप्रैल, 19 अप्रैलराम नवमी (1 अप्रैल), हनुमान जयंती (8 अप्रैल), अक्षय तृतीया (25 अप्रैल)
मईवैशाख7 मई21 मई3 मई, 18 मईवट सावित्री (22 मई)
जूनज्येष्ठ6 जून20 जून2 जून, 16 जूनरथ यात्रा (22 जून)
जुलाईआषाढ़5 जुलाई19 जुलाई2 जुलाई, 16 जुलाई, 31 जुलाईगुरु पूर्णिमा (6 जुलाई), नाग पंचमी (25 जुलाई)
अगस्तश्रावण4 अगस्त18 अगस्त14 अगस्त, 30 अगस्तरक्षाबंधन (4 अगस्त), जन्माष्टमी (10 अगस्त), हरतालिका तीज (21 अगस्त), गणेश चतुर्थी (22 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद2 सितंबर16 सितंबर12 सितंबर, 28 सितंबर
अक्टूबरआश्विन1 अक्टूबर, 31 अक्टूबर16 अक्टूबर12 अक्टूबर, 27 अक्टूबरशारदीय नवरात्रि आरंभ (17 अक्टूबर), दुर्गा अष्टमी (25 अक्टूबर), दशहरा (विजयादशमी) (26 अक्टूबर), शरद पूर्णिमा (30 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक29 नवंबर15 नवंबर11 नवंबर, 26 नवंबरकरवा चौथ (3 नवंबर), धनतेरस (12 नवंबर), नरक चतुर्दशी (14 नवंबर), दीवाली (15 नवंबर), गोवर्धन पूजा (16 नवंबर), भाई दूज (17 नवंबर), छठ पूजा (21 नवंबर), कार्तिक पूर्णिमा (29 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष29 दिसंबर14 दिसंबर11 दिसंबर, 25 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।