पंचांग 2067: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2067 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2067 में 12 पूर्णिमा, 12 अमावस्या और 24 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2067 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीमाघ29 जनवरी15 जनवरी11 जनवरी, 25 जनवरीमकर संक्रांति (15 जनवरी), वसंत पंचमी (19 जनवरी)
फ़रवरीफाल्गुन28 फ़रवरी13 फ़रवरी10 फ़रवरी, 24 फ़रवरीमहाशिवरात्रि (12 फ़रवरी), होलिका दहन (28 फ़रवरी)
मार्चचैत्र30 मार्च15 मार्च11 मार्च, 26 मार्चहोली (1 मार्च)
अप्रैलचैत्र29 अप्रैल13 अप्रैल10 अप्रैल, 25 अप्रैलचैत्र नवरात्रि आरंभ (14 अप्रैल), राम नवमी (22 अप्रैल), हनुमान जयंती (29 अप्रैल)
मईवैशाख28 मई12 मई9 मई, 24 मईअक्षय तृतीया (16 मई)
जूनज्येष्ठ26 जून11 जून7 जून, 23 जूनवट सावित्री (11 जून)
जुलाईआषाढ़26 जुलाई10 जुलाई7 जुलाई, 22 जुलाईरथ यात्रा (13 जुलाई), गुरु पूर्णिमा (26 जुलाई)
अगस्तश्रावण24 अगस्त9 अगस्त5 अगस्त, 21 अगस्तनाग पंचमी (15 अगस्त), रक्षाबंधन (24 अगस्त), जन्माष्टमी (31 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद22 सितंबर8 सितंबर4 सितंबर, 19 सितंबरहरतालिका तीज (11 सितंबर), गणेश चतुर्थी (12 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन22 अक्टूबर7 अक्टूबर4 अक्टूबर, 18 अक्टूबरशारदीय नवरात्रि आरंभ (9 अक्टूबर), दुर्गा अष्टमी (16 अक्टूबर), दशहरा (विजयादशमी) (17 अक्टूबर), शरद पूर्णिमा (21 अक्टूबर), करवा चौथ (25 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक20 नवंबर6 नवंबर2 नवंबर, 17 नवंबरधनतेरस (4 नवंबर), नरक चतुर्दशी (5 नवंबर), दीवाली (6 नवंबर), गोवर्धन पूजा (7 नवंबर), भाई दूज (8 नवंबर), छठ पूजा (12 नवंबर), कार्तिक पूर्णिमा (20 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष20 दिसंबर6 दिसंबर2 दिसंबर, 16 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।