पंचांग 2060: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2060 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2060 में 12 पूर्णिमा, 13 अमावस्या और 24 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2060 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीपौष17 जनवरी3 जनवरी13 जनवरी, 29 जनवरीमकर संक्रांति (15 जनवरी)
फ़रवरीमाघ16 फ़रवरी1 फ़रवरी12 फ़रवरी, 28 फ़रवरीवसंत पंचमी (6 फ़रवरी)
मार्चफाल्गुन16 मार्च2 मार्च, 31 मार्च12 मार्च, 28 मार्चमहाशिवरात्रि (1 मार्च), होलिका दहन (16 मार्च), होली (17 मार्च)
अप्रैलचैत्र15 अप्रैल30 अप्रैल11 अप्रैल, 26 अप्रैलचैत्र नवरात्रि आरंभ (1 अप्रैल), राम नवमी (8 अप्रैल), हनुमान जयंती (15 अप्रैल)
मईवैशाख15 मई29 मई11 मई, 26 मईअक्षय तृतीया (2 मई), वट सावित्री (29 मई)
जूनज्येष्ठ13 जून27 जून9 जून, 24 जूनरथ यात्रा (30 जून)
जुलाईआषाढ़13 जुलाई27 जुलाई9 जुलाई, 23 जुलाईगुरु पूर्णिमा (13 जुलाई)
अगस्तश्रावण11 अगस्त25 अगस्त8 अगस्त, 22 अगस्तनाग पंचमी (1 अगस्त), रक्षाबंधन (11 अगस्त), जन्माष्टमी (19 अगस्त), गणेश चतुर्थी (29 अगस्त), हरतालिका तीज (29 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद10 सितंबर24 सितंबर6 सितंबर, 20 सितंबरशारदीय नवरात्रि आरंभ (25 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन9 अक्टूबर23 अक्टूबर6 अक्टूबर, 19 अक्टूबरदुर्गा अष्टमी (3 अक्टूबर), दशहरा (विजयादशमी) (4 अक्टूबर), शरद पूर्णिमा (9 अक्टूबर), करवा चौथ (12 अक्टूबर), धनतेरस (21 अक्टूबर), दीवाली (23 अक्टूबर), नरक चतुर्दशी (23 अक्टूबर), गोवर्धन पूजा (25 अक्टूबर), भाई दूज (26 अक्टूबर), छठ पूजा (30 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक7 नवंबर22 नवंबर4 नवंबर, 18 नवंबरकार्तिक पूर्णिमा (8 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष7 दिसंबर22 दिसंबर3 दिसंबर, 18 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।