पंचांग 2059: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2059 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2059 में 12 पूर्णिमा, 12 अमावस्या और 25 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2059 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीपौष28 जनवरी13 जनवरी10 जनवरी, 24 जनवरीमकर संक्रांति (15 जनवरी)
फ़रवरीमाघ26 फ़रवरी12 फ़रवरी8 फ़रवरी, 22 फ़रवरीवसंत पंचमी (16 फ़रवरी)
मार्चफाल्गुन28 मार्च13 मार्च10 मार्च, 24 मार्चमहाशिवरात्रि (12 मार्च), होलिका दहन (28 मार्च), होली (29 मार्च)
अप्रैलचैत्र27 अप्रैल12 अप्रैल8 अप्रैल, 23 अप्रैलचैत्र नवरात्रि आरंभ (13 अप्रैल), राम नवमी (20 अप्रैल), हनुमान जयंती (27 अप्रैल)
मईवैशाख27 मई11 मई8 मई, 23 मईअक्षय तृतीया (14 मई)
जूनज्येष्ठ25 जून9 जून6 जून, 21 जूनवट सावित्री (10 जून)
जुलाईआषाढ़24 जुलाई9 जुलाई5 जुलाई, 21 जुलाईरथ यात्रा (11 जुलाई), गुरु पूर्णिमा (25 जुलाई)
अगस्तश्रावण23 अगस्त7 अगस्त4 अगस्त, 19 अगस्तनाग पंचमी (13 अगस्त), रक्षाबंधन (23 अगस्त), जन्माष्टमी (30 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद21 सितंबर6 सितंबर2 सितंबर, 18 सितंबरगणेश चतुर्थी (10 सितंबर), हरतालिका तीज (10 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन20 अक्टूबर6 अक्टूबर2 अक्टूबर, 17 अक्टूबर, 31 अक्टूबरशारदीय नवरात्रि आरंभ (7 अक्टूबर), दुर्गा अष्टमी (14 अक्टूबर), दशहरा (विजयादशमी) (16 अक्टूबर), शरद पूर्णिमा (20 अक्टूबर), करवा चौथ (24 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक19 नवंबर4 नवंबर15 नवंबर, 30 नवंबरधनतेरस (2 नवंबर), दीवाली (4 नवंबर), नरक चतुर्दशी (4 नवंबर), गोवर्धन पूजा (6 नवंबर), भाई दूज (7 नवंबर), छठ पूजा (11 नवंबर), कार्तिक पूर्णिमा (19 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष18 दिसंबर4 दिसंबर15 दिसंबर, 30 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।