पंचांग 2055: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2055 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2055 में 12 पूर्णिमा, 12 अमावस्या और 25 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2055 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीपौष13 जनवरी27 जनवरी9 जनवरी, 23 जनवरीमकर संक्रांति (15 जनवरी)
फ़रवरीमाघ11 फ़रवरी25 फ़रवरी8 फ़रवरी, 22 फ़रवरीवसंत पंचमी (1 फ़रवरी), महाशिवरात्रि (24 फ़रवरी)
मार्चफाल्गुन13 मार्च27 मार्च9 मार्च, 23 मार्चहोलिका दहन (12 मार्च), होली (13 मार्च), चैत्र नवरात्रि आरंभ (29 मार्च)
अप्रैलचैत्र11 अप्रैल26 अप्रैल8 अप्रैल, 22 अप्रैलराम नवमी (6 अप्रैल), हनुमान जयंती (11 अप्रैल), अक्षय तृतीया (29 अप्रैल)
मईवैशाख10 मई26 मई7 मई, 22 मईवट सावित्री (26 मई)
जूनज्येष्ठ9 जून24 जून5 जून, 21 जूनरथ यात्रा (26 जून)
जुलाईआषाढ़8 जुलाई24 जुलाई5 जुलाई, 20 जुलाईगुरु पूर्णिमा (8 जुलाई), नाग पंचमी (28 जुलाई)
अगस्तश्रावण7 अगस्त22 अगस्त3 अगस्त, 19 अगस्तरक्षाबंधन (6 अगस्त), जन्माष्टमी (16 अगस्त), गणेश चतुर्थी (25 अगस्त), हरतालिका तीज (25 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद5 सितंबर20 सितंबर1 सितंबर, 17 सितंबरशारदीय नवरात्रि आरंभ (21 सितंबर), दुर्गा अष्टमी (28 सितंबर), दशहरा (विजयादशमी) (29 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन5 अक्टूबर20 अक्टूबर1 अक्टूबर, 16 अक्टूबर, 31 अक्टूबरशरद पूर्णिमा (4 अक्टूबर), करवा चौथ (9 अक्टूबर), धनतेरस (18 अक्टूबर), दीवाली (19 अक्टूबर), नरक चतुर्दशी (19 अक्टूबर), भाई दूज (21 अक्टूबर), गोवर्धन पूजा (21 अक्टूबर), छठ पूजा (25 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक4 नवंबर18 नवंबर15 नवंबर, 29 नवंबरकार्तिक पूर्णिमा (4 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष3 दिसंबर18 दिसंबर14 दिसंबर, 29 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।