पंचांग 2052: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2052 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2052 में 12 पूर्णिमा, 13 अमावस्या और 24 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2052 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीपौष15 जनवरी1 जनवरी, 31 जनवरी12 जनवरी, 27 जनवरीमकर संक्रांति (15 जनवरी)
फ़रवरीमाघ14 फ़रवरी29 फ़रवरी10 फ़रवरी, 26 फ़रवरीवसंत पंचमी (5 फ़रवरी), महाशिवरात्रि (28 फ़रवरी)
मार्चफाल्गुन15 मार्च30 मार्च11 मार्च, 27 मार्चहोलिका दहन (14 मार्च), होली (15 मार्च), चैत्र नवरात्रि आरंभ (31 मार्च)
अप्रैलचैत्र13 अप्रैल28 अप्रैल9 अप्रैल, 25 अप्रैलराम नवमी (7 अप्रैल), हनुमान जयंती (13 अप्रैल)
मईवैशाख13 मई28 मई9 मई, 24 मईअक्षय तृतीया (1 मई), वट सावित्री (28 मई)
जूनज्येष्ठ12 जून26 जून8 जून, 23 जूनरथ यात्रा (28 जून)
जुलाईआषाढ़11 जुलाई25 जुलाई7 जुलाई, 22 जुलाईगुरु पूर्णिमा (11 जुलाई), नाग पंचमी (30 जुलाई)
अगस्तश्रावण10 अगस्त24 अगस्त6 अगस्त, 20 अगस्तरक्षाबंधन (10 अगस्त), जन्माष्टमी (18 अगस्त), हरतालिका तीज (27 अगस्त), गणेश चतुर्थी (28 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद8 सितंबर22 सितंबर5 सितंबर, 18 सितंबरशारदीय नवरात्रि आरंभ (23 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन8 अक्टूबर22 अक्टूबर4 अक्टूबर, 18 अक्टूबरदुर्गा अष्टमी (1 अक्टूबर), दशहरा (विजयादशमी) (3 अक्टूबर), शरद पूर्णिमा (7 अक्टूबर), करवा चौथ (11 अक्टूबर), धनतेरस (19 अक्टूबर), दीवाली (21 अक्टूबर), नरक चतुर्दशी (21 अक्टूबर), गोवर्धन पूजा (23 अक्टूबर), भाई दूज (24 अक्टूबर), छठ पूजा (29 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक6 नवंबर20 नवंबर3 नवंबर, 16 नवंबरकार्तिक पूर्णिमा (6 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष6 दिसंबर20 दिसंबर2 दिसंबर, 16 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।