पंचांग 2050: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2050 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2050 में 13 पूर्णिमा, 12 अमावस्या और 25 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2050 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीपौष7 जनवरी22 जनवरी3 जनवरी, 19 जनवरीमकर संक्रांति (15 जनवरी), वसंत पंचमी (27 जनवरी)
फ़रवरीमाघ6 फ़रवरी21 फ़रवरी2 फ़रवरी, 18 फ़रवरीमहाशिवरात्रि (20 फ़रवरी)
मार्चफाल्गुन8 मार्च22 मार्च4 मार्च, 19 मार्चहोलिका दहन (7 मार्च), होली (8 मार्च), चैत्र नवरात्रि आरंभ (23 मार्च), राम नवमी (31 मार्च)
अप्रैलचैत्र6 अप्रैल21 अप्रैल2 अप्रैल, 17 अप्रैलहनुमान जयंती (7 अप्रैल), अक्षय तृतीया (24 अप्रैल)
मईवैशाख6 मई20 मई2 मई, 17 मईवट सावित्री (20 मई)
जूनज्येष्ठ5 जून18 जून1 जून, 15 जूनरथ यात्रा (21 जून)
जुलाईआषाढ़4 जुलाई18 जुलाई1 जुलाई, 14 जुलाई, 30 जुलाईगुरु पूर्णिमा (4 जुलाई), नाग पंचमी (24 जुलाई)
अगस्तश्रावण2 अगस्त16 अगस्त13 अगस्त, 28 अगस्तरक्षाबंधन (2 अगस्त), जन्माष्टमी (9 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद1 सितंबर, 30 सितंबर15 सितंबर11 सितंबर, 27 सितंबरहरतालिका तीज (19 सितंबर), गणेश चतुर्थी (20 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन29 अक्टूबर15 अक्टूबर11 अक्टूबर, 26 अक्टूबरशारदीय नवरात्रि आरंभ (16 अक्टूबर), दुर्गा अष्टमी (23 अक्टूबर), दशहरा (विजयादशमी) (25 अक्टूबर), शरद पूर्णिमा (29 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक28 नवंबर14 नवंबर10 नवंबर, 24 नवंबरकरवा चौथ (2 नवंबर), धनतेरस (11 नवंबर), दीवाली (13 नवंबर), नरक चतुर्दशी (13 नवंबर), गोवर्धन पूजा (15 नवंबर), भाई दूज (16 नवंबर), छठ पूजा (20 नवंबर), कार्तिक पूर्णिमा (28 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष27 दिसंबर13 दिसंबर10 दिसंबर, 24 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।