पंचांग 2049: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2049 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2049 में 12 पूर्णिमा, 13 अमावस्या और 24 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2049 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीपौष18 जनवरी3 जनवरी14 जनवरी, 29 जनवरीमकर संक्रांति (14 जनवरी)
फ़रवरीमाघ17 फ़रवरी2 फ़रवरी13 फ़रवरी, 28 फ़रवरीवसंत पंचमी (6 फ़रवरी)
मार्चफाल्गुन19 मार्च3 मार्च15 मार्च, 29 मार्चमहाशिवरात्रि (2 मार्च), होलिका दहन (19 मार्च), होली (20 मार्च)
अप्रैलचैत्र17 अप्रैल2 अप्रैल14 अप्रैल, 28 अप्रैलचैत्र नवरात्रि आरंभ (3 अप्रैल), राम नवमी (11 अप्रैल), हनुमान जयंती (18 अप्रैल)
मईवैशाख17 मई1 मई, 31 मई13 मई, 27 मईअक्षय तृतीया (5 मई), वट सावित्री (31 मई)
जूनज्येष्ठ15 जून29 जून12 जून, 25 जून
जुलाईआषाढ़14 जुलाई29 जुलाई11 जुलाई, 25 जुलाईरथ यात्रा (2 जुलाई), गुरु पूर्णिमा (15 जुलाई)
अगस्तश्रावण13 अगस्त27 अगस्त9 अगस्त, 24 अगस्तनाग पंचमी (4 अगस्त), रक्षाबंधन (13 अगस्त), जन्माष्टमी (19 अगस्त), हरतालिका तीज (31 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद11 सितंबर26 सितंबर8 सितंबर, 22 सितंबरगणेश चतुर्थी (1 सितंबर), शारदीय नवरात्रि आरंभ (28 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन10 अक्टूबर26 अक्टूबर7 अक्टूबर, 22 अक्टूबरदुर्गा अष्टमी (4 अक्टूबर), दशहरा (विजयादशमी) (6 अक्टूबर), शरद पूर्णिमा (10 अक्टूबर), करवा चौथ (14 अक्टूबर), धनतेरस (24 अक्टूबर), नरक चतुर्दशी (25 अक्टूबर), दीवाली (26 अक्टूबर), गोवर्धन पूजा (27 अक्टूबर), भाई दूज (28 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक9 नवंबर24 नवंबर5 नवंबर, 21 नवंबरछठ पूजा (1 नवंबर), कार्तिक पूर्णिमा (9 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष8 दिसंबर24 दिसंबर5 दिसंबर, 20 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।