पंचांग 2048: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2048 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2048 में 12 पूर्णिमा, 12 अमावस्या और 25 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2048 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीमाघ30 जनवरी15 जनवरी11 जनवरी, 26 जनवरीमकर संक्रांति (15 जनवरी), वसंत पंचमी (19 जनवरी)
फ़रवरीफाल्गुन29 फ़रवरी13 फ़रवरी10 फ़रवरी, 25 फ़रवरीमहाशिवरात्रि (12 फ़रवरी), होलिका दहन (29 फ़रवरी)
मार्चचैत्र29 मार्च14 मार्च10 मार्च, 26 मार्चहोली (1 मार्च)
अप्रैलचैत्र28 अप्रैल12 अप्रैल9 अप्रैल, 24 अप्रैलचैत्र नवरात्रि आरंभ (14 अप्रैल), राम नवमी (22 अप्रैल), हनुमान जयंती (28 अप्रैल)
मईवैशाख27 मई12 मई8 मई, 24 मईअक्षय तृतीया (16 मई)
जूनज्येष्ठ25 जून10 जून7 जून, 22 जूनवट सावित्री (11 जून)
जुलाईआषाढ़25 जुलाई10 जुलाई6 जुलाई, 21 जुलाईरथ यात्रा (13 जुलाई), गुरु पूर्णिमा (25 जुलाई)
अगस्तश्रावण23 अगस्त9 अगस्त5 अगस्त, 20 अगस्तनाग पंचमी (14 अगस्त), रक्षाबंधन (23 अगस्त), जन्माष्टमी (31 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद21 सितंबर7 सितंबर4 सितंबर, 18 सितंबरगणेश चतुर्थी (11 सितंबर), हरतालिका तीज (11 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन21 अक्टूबर7 अक्टूबर3 अक्टूबर, 17 अक्टूबरशारदीय नवरात्रि आरंभ (8 अक्टूबर), दुर्गा अष्टमी (14 अक्टूबर), दशहरा (विजयादशमी) (16 अक्टूबर), शरद पूर्णिमा (20 अक्टूबर), करवा चौथ (25 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक20 नवंबर5 नवंबर2 नवंबर, 16 नवंबरधनतेरस (3 नवंबर), दीवाली (5 नवंबर), नरक चतुर्दशी (5 नवंबर), भाई दूज (7 नवंबर), गोवर्धन पूजा (7 नवंबर), छठ पूजा (11 नवंबर), कार्तिक पूर्णिमा (20 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष19 दिसंबर5 दिसंबर1 दिसंबर, 15 दिसंबर, 31 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।