पंचांग 2046: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2046 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2046 में 12 पूर्णिमा, 13 अमावस्या और 25 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2046 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीपौष22 जनवरी6 जनवरी3 जनवरी, 18 जनवरीमकर संक्रांति (15 जनवरी)
फ़रवरीमाघ20 फ़रवरी5 फ़रवरी1 फ़रवरी, 17 फ़रवरीवसंत पंचमी (11 फ़रवरी)
मार्चफाल्गुन22 मार्च7 मार्च3 मार्च, 18 मार्चमहाशिवरात्रि (5 मार्च), होलिका दहन (21 मार्च), होली (22 मार्च)
अप्रैलचैत्र20 अप्रैल5 अप्रैल2 अप्रैल, 17 अप्रैलचैत्र नवरात्रि आरंभ (7 अप्रैल), राम नवमी (15 अप्रैल), हनुमान जयंती (20 अप्रैल)
मईवैशाख19 मई5 मई1 मई, 16 मई, 31 मईअक्षय तृतीया (9 मई)
जूनज्येष्ठ18 जून4 जून14 जून, 30 जूनवट सावित्री (4 जून)
जुलाईआषाढ़17 जुलाई3 जुलाई14 जुलाई, 29 जुलाईरथ यात्रा (5 जुलाई), गुरु पूर्णिमा (18 जुलाई)
अगस्तश्रावण16 अगस्त2 अगस्त, 31 अगस्त12 अगस्त, 28 अगस्तनाग पंचमी (6 अगस्त), रक्षाबंधन (16 अगस्त), जन्माष्टमी (25 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद14 सितंबर29 सितंबर10 सितंबर, 26 सितंबरगणेश चतुर्थी (3 सितंबर), हरतालिका तीज (3 सितंबर), शारदीय नवरात्रि आरंभ (30 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन14 अक्टूबर29 अक्टूबर10 अक्टूबर, 25 अक्टूबरदुर्गा अष्टमी (7 अक्टूबर), दशहरा (विजयादशमी) (8 अक्टूबर), शरद पूर्णिमा (14 अक्टूबर), करवा चौथ (18 अक्टूबर), धनतेरस (27 अक्टूबर), दीवाली (28 अक्टूबर), नरक चतुर्दशी (28 अक्टूबर), भाई दूज (30 अक्टूबर), गोवर्धन पूजा (30 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक13 नवंबर27 नवंबर9 नवंबर, 24 नवंबरछठ पूजा (3 नवंबर), कार्तिक पूर्णिमा (13 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष13 दिसंबर27 दिसंबर9 दिसंबर, 23 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।