पंचांग 2037: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2037 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2037 में 13 पूर्णिमा, 12 अमावस्या और 24 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2037 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीपौष1 जनवरी, 31 जनवरी15 जनवरी12 जनवरी, 27 जनवरीमकर संक्रांति (14 जनवरी), वसंत पंचमी (21 जनवरी)
फ़रवरी——14 फ़रवरी10 फ़रवरी, 26 फ़रवरीमहाशिवरात्रि (13 फ़रवरी)
मार्चफाल्गुन1 मार्च, 31 मार्च16 मार्च12 मार्च, 27 मार्चहोलिका दहन (1 मार्च), होली (2 मार्च), चैत्र नवरात्रि आरंभ (17 मार्च), राम नवमी (25 मार्च), हनुमान जयंती (31 मार्च)
अप्रैलवैशाख29 अप्रैल15 अप्रैल11 अप्रैल, 26 अप्रैलअक्षय तृतीया (18 अप्रैल)
मईज्येष्ठ28 मई14 मई11 मई, 25 मईवट सावित्री (15 मई)
जूनज्येष्ठ27 जून13 जून9 जून, 23 जून
जुलाईआषाढ़26 जुलाई12 जुलाई9 जुलाई, 23 जुलाईरथ यात्रा (14 जुलाई), गुरु पूर्णिमा (27 जुलाई)
अगस्तश्रावण25 अगस्त11 अगस्त7 अगस्त, 21 अगस्तनाग पंचमी (15 अगस्त), रक्षाबंधन (25 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद24 सितंबर9 सितंबर6 सितंबर, 20 सितंबरजन्माष्टमी (2 सितंबर), गणेश चतुर्थी (12 सितंबर), हरतालिका तीज (12 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन23 अक्टूबर8 अक्टूबर5 अक्टूबर, 19 अक्टूबरशारदीय नवरात्रि आरंभ (9 अक्टूबर), दुर्गा अष्टमी (16 अक्टूबर), दशहरा (विजयादशमी) (18 अक्टूबर), शरद पूर्णिमा (23 अक्टूबर), करवा चौथ (27 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक22 नवंबर7 नवंबर3 नवंबर, 18 नवंबरधनतेरस (5 नवंबर), नरक चतुर्दशी (6 नवंबर), दीवाली (7 नवंबर), भाई दूज (8 नवंबर), गोवर्धन पूजा (8 नवंबर), छठ पूजा (13 नवंबर), कार्तिक पूर्णिमा (22 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष22 दिसंबर6 दिसंबर3 दिसंबर, 18 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।