पंचांग 2034: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2034 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2034 में 13 पूर्णिमा, 12 अमावस्या और 25 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2034 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीपौष4 जनवरी20 जनवरी1 जनवरी, 16 जनवरी, 30 जनवरीमकर संक्रांति (14 जनवरी), वसंत पंचमी (24 जनवरी)
फ़रवरीमाघ3 फ़रवरी18 फ़रवरी15 फ़रवरी, 28 फ़रवरीमहाशिवरात्रि (17 फ़रवरी)
मार्चफाल्गुन4 मार्च20 मार्च16 मार्च, 30 मार्चहोलिका दहन (4 मार्च), होली (5 मार्च), चैत्र नवरात्रि आरंभ (21 मार्च), राम नवमी (28 मार्च)
अप्रैलचैत्र3 अप्रैल18 अप्रैल15 अप्रैल, 29 अप्रैलहनुमान जयंती (3 अप्रैल), अक्षय तृतीया (21 अप्रैल)
मईवैशाख3 मई17 मई14 मई, 28 मईवट सावित्री (18 मई)
जूनज्येष्ठ1 जून16 जून12 जून, 27 जून
जुलाईआषाढ़1 जुलाई, 30 जुलाई15 जुलाई12 जुलाई, 27 जुलाईरथ यात्रा (17 जुलाई), गुरु पूर्णिमा (31 जुलाई)
अगस्तश्रावण29 अगस्त13 अगस्त10 अगस्त, 25 अगस्तनाग पंचमी (19 अगस्त), रक्षाबंधन (29 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद27 सितंबर12 सितंबर8 सितंबर, 24 सितंबरजन्माष्टमी (5 सितंबर), हरतालिका तीज (15 सितंबर), गणेश चतुर्थी (16 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन27 अक्टूबर11 अक्टूबर8 अक्टूबर, 23 अक्टूबरशारदीय नवरात्रि आरंभ (13 अक्टूबर), दुर्गा अष्टमी (20 अक्टूबर), दशहरा (विजयादशमी) (22 अक्टूबर), शरद पूर्णिमा (26 अक्टूबर), करवा चौथ (30 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक25 नवंबर10 नवंबर6 नवंबर, 22 नवंबरधनतेरस (8 नवंबर), नरक चतुर्दशी (9 नवंबर), दीवाली (10 नवंबर), गोवर्धन पूजा (11 नवंबर), भाई दूज (12 नवंबर), छठ पूजा (17 नवंबर), कार्तिक पूर्णिमा (25 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष25 दिसंबर10 दिसंबर6 दिसंबर, 21 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।