पंचांग 2031: पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और त्योहारों की तिथियाँ, महीने के अनुसार

2031 की हर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी और मुख्य त्योहार, नई दिल्ली के लिए गणना। उस दिन के पूरे पंचांग के लिए तारीख पर टैप करें।

2031 में 13 पूर्णिमा, 12 अमावस्या और 25 एकादशी हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

2031 महीने के अनुसार

महीनाहिंदू मासपूर्णिमाअमावस्याएकादशीत्योहार
जनवरीपौष8 जनवरी22 जनवरी4 जनवरी, 19 जनवरीमकर संक्रांति (15 जनवरी), वसंत पंचमी (27 जनवरी)
फ़रवरीमाघ7 फ़रवरी21 फ़रवरी3 फ़रवरी, 17 फ़रवरीमहाशिवरात्रि (19 फ़रवरी)
मार्चफाल्गुन8 मार्च22 मार्च4 मार्च, 19 मार्चहोलिका दहन (8 मार्च), होली (9 मार्च), चैत्र नवरात्रि आरंभ (24 मार्च)
अप्रैलचैत्र7 अप्रैल21 अप्रैल3 अप्रैल, 17 अप्रैलराम नवमी (1 अप्रैल), हनुमान जयंती (7 अप्रैल), अक्षय तृतीया (24 अप्रैल)
मईवैशाख6 मई20 मई3 मई, 17 मईवट सावित्री (21 मई)
जूनज्येष्ठ5 जून19 जून1 जून, 15 जूनरथ यात्रा (22 जून)
जुलाईआषाढ़4 जुलाई19 जुलाई1 जुलाई, 15 जुलाई, 30 जुलाईगुरु पूर्णिमा (4 जुलाई), नाग पंचमी (24 जुलाई)
अगस्तश्रावण2 अगस्त17 अगस्त13 अगस्त, 28 अगस्तरक्षाबंधन (2 अगस्त), जन्माष्टमी (9 अगस्त)
सितंबरभाद्रपद1 सितंबर, 30 सितंबर16 सितंबर12 सितंबर, 27 सितंबरहरतालिका तीज (19 सितंबर), गणेश चतुर्थी (20 सितंबर)
अक्टूबरआश्विन30 अक्टूबर15 अक्टूबर12 अक्टूबर, 26 अक्टूबरशारदीय नवरात्रि आरंभ (17 अक्टूबर), दुर्गा अष्टमी (23 अक्टूबर), दशहरा (विजयादशमी) (25 अक्टूबर), शरद पूर्णिमा (29 अक्टूबर)
नवंबरकार्तिक28 नवंबर14 नवंबर10 नवंबर, 24 नवंबरकरवा चौथ (2 नवंबर), धनतेरस (12 नवंबर), नरक चतुर्दशी (13 नवंबर), दीवाली (14 नवंबर), गोवर्धन पूजा (15 नवंबर), भाई दूज (16 नवंबर), छठ पूजा (20 नवंबर), कार्तिक पूर्णिमा (28 नवंबर)
दिसंबरमार्गशीर्ष28 दिसंबर14 दिसंबर10 दिसंबर, 24 दिसंबर

प्रश्न

पूर्णिमा क्या है?

पूर्ण चंद्रमा का दिन, शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि; बहुत लोग व्रत रखते हैं और विष्णु (सत्यनारायण) या चंद्रमा की पूजा करते हैं।

अमावस्या क्या है?

अमावस का दिन, कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि, जो परंपरा से पितरों के स्मरण (पितृ तर्पण) के लिए है।

एकादशी क्या है?

हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि, विष्णु को समर्पित और व्रत के रूप में रखी जाती है; साल में आमतौर पर 24, अधिक मास वाले साल में 26।

अलग-अलग कैलेंडर में ये तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

तिथियाँ किसी स्थान के सूर्योदय और सूर्य-चंद्रमा की सटीक स्थिति से गिनी जाती हैं, इसलिए शहरों या कैलेंडरों के बीच तारीख एक दिन खिसक सकती है। ये आपके शहर के लिए गणना की गई हैं।