अंकज्योतिष में अंक 7
केतु: भीतर की ओर देखने वाला, खोजी स्वभाव; आप अर्थ ढूँढते हैं और अपने अंतर्ज्ञान पर भरोसा करते हैं।
अंक 7 एक नज़र में
- ग्रह
- केतु
- मित्र अंक
- 1, 2, 3
- दिन
- मंगलवार
- रंग
- स्लेटी
मित्र अंक उनके ग्रहों की मित्रता से तय होते हैं; राहु को शनि और केतु को मंगल की तरह पढ़ा जाता है।
अंक 7 और केतु
भारतीय मूलांक परंपरा में अंक 7 केतु का अंक है, जो चंद्रमा का दक्षिणी पात (दक्षिण बिंदु) है। राहु की तरह केतु भी एक छाया ग्रह है, जिसका न अपना शरीर है, न अपनी राशि। शास्त्रीय ग्रंथ इसे वैराग्य, पिछले जन्मों की सीख और मोक्ष का ग्रह बताते हैं। इसलिए अंक 7 में भीतर की ओर देखने वाला, खोजी स्वभाव होता है, जो अर्थ ढूँढता है और अपने अंतर्ज्ञान पर भरोसा करता है।
कुछ पश्चिमी पद्धतियाँ अंक 7 को नेपच्यून को देती हैं; भारतीय अंकज्योतिष नौ ग्रहों पर ही टिका है और इसे केतु को देता है।
मूलांक 7 (जन्म के दिन का अंक)
किसी भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 7 होता है (1 + 6 और 2 + 5, दोनों का योग 7 है)।
मूलांक के रूप में 7 को चिंतनशील, अंतर्ज्ञानी और अर्थ की खोज करने वाला माना जाता है। मूलांक 7 वाले आमतौर पर बोलने से पहले सोचते हैं, शांति पसंद करते हैं, और वे गहरे सवाल पूछते हैं जिन्हें दूसरे छोड़ देते हैं।
भाग्यांक 7 (पूरी जन्मतिथि का अंक)
भाग्यांक के लिए जन्मतिथि के हर अंक को जोड़ें। जैसे 16-08-1990 के लिए 1 + 6 + 0 + 8 + 1 + 9 + 9 + 0 = 34, और 3 + 4 = 7।
भाग्यांक 7 ऐसे जीवन की ओर इशारा करता है जो अध्ययन, चिंतन और भीतरी अनुभव से आगे बढ़ता है। अंक 7 के लिए बाहरी सफलता से ज़्यादा समझ मायने रखती है, और वर्षों के साथ इसकी राह अक्सर शोध, दर्शन या आध्यात्मिक साधना की ओर मुड़ जाती है।
स्वभाव, खूबियाँ और किन बातों पर काम करें
अंक 7 वाले आमतौर पर विचारशील, निजी स्वभाव के और पैनी समझ वाले होते हैं, और लोगों व परिस्थितियों को लेकर इनकी छठी इंद्रिय तेज़ होती है।
- खूबियाँ: अंतर्ज्ञान, गहराई, शोध और आध्यात्मिक दृष्टि
- किस पर काम करें: लोगों से दूर हो जाना और खुद पर संदेह करना
- अच्छी आदत: अपने विचार सिर्फ़ खुद तक नहीं, भरोसेमंद लोगों के साथ भी बाँटना
करियर की प्रवृत्तियाँ
केतु शोध, बारीक और सूक्ष्म कौशल और छिपे कारणों की खोज से जुड़ा है, इसलिए अंक 7 को शोध और विज्ञान, विश्लेषण, दर्शन, लेखन, आध्यात्मिक शिक्षण, ज्योतिष व पारंपरिक विद्याएँ, और विशेषज्ञ तकनीकी काम जमते हैं। जहाँ इसे गहराई में जाने का समय मिले, वहाँ यह सबसे अच्छा करता है, और शोर-शराबे वाली, केवल मेल-जोल की भूमिकाएँ इसे थका देती हैं।
रिश्ते और मित्र अंक
इस पद्धति में केतु को मंगल के रूप में पढ़ा जाता है, जिसके मित्र सूर्य, चंद्रमा और गुरु हैं, इसलिए अंक 7 के मित्र अंक 1, 2 और 3 हैं। अंक 7 वाला अक्सर 1 की स्पष्टता, 2 की कोमलता और 3 के ज्ञान की कद्र करता है।
यह एक प्रवृत्ति है, नियम नहीं। रिश्तों में 7 वफ़ादार पर संकोची होता है, और उसे ऐसा साथी चाहिए जो उसके एकांत के समय का सम्मान करे। किसी करीबी को अपनी भीतरी दुनिया में आने देना रिश्ते को गहरा करता है।
परंपरा के अनुसार केतु का दिन और रंग
परंपरा केतु को मंगलवार देती है, जो मंगल के साथ साझा है, और स्लेटी (भूरा-धूसर) रंग। केतु की दिशा उत्तर-पश्चिम (वायव्य) है और इसके देवता गणेश हैं। केतु का मंत्र है: ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः, जिसे कोई भी बिना किसी खर्च के जप सकता है।
लहसुनिया केतु का पारंपरिक रत्न है, और टाइगर आई उसका उपरत्न है। केतु के रत्न पर विशेष सावधानी से विचार किया जाता है, इसलिए किसी ज्योतिषी से कुंडली दिखाकर ही रत्न धारण करें।
प्रश्न
भारतीय अंकज्योतिष में अंक 7 का स्वामी ग्रह कौन है?
भारतीय मूलांक परंपरा में अंक 7 का स्वामी केतु है, जो चंद्रमा का दक्षिणी पात है।
मूलांक 7 किन तारीखों में जन्मे लोगों का होता है?
किसी भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 7 होता है।
अंक 7 के मित्र अंक कौन-से हैं?
अंक 7 के मित्र अंक 1, 2 और 3 हैं, क्योंकि केतु को मंगल के रूप में पढ़ा जाता है, जिसके मित्र सूर्य, चंद्रमा और गुरु हैं।
अंक 7 को आध्यात्मिक अंक क्यों कहते हैं?
शास्त्रीय ग्रंथों में केतु वैराग्य और मोक्ष का ग्रह है, इसलिए परंपरा में अंक 7 को चिंतन और भीतरी खोज से जोड़ा जाता है।
अंक 7 से कौन-सा दिन और रंग जुड़ा है?
परंपरा के अनुसार मंगलवार, और स्लेटी रंग।