वट सावित्री 2075: तिथि और पूजा मुहूर्त
विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
वट सावित्री 2075
गुरुवार, 13 जून 2075
वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 17:44, 12 जून – 20:09, 13 जून
वट सावित्री 2076
सोमवार, 1 जून 2076
वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 22:15, 31 मई – 22:44, 1 जून
वट सावित्री की तिथियाँ 2075–2079
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2075 | गुरुवार, 13 जून 2075 |
| 2076 | सोमवार, 1 जून 2076 |
| 2077 | शनिवार, 22 मई 2077 |
| 2078 | शुक्रवार, 10 जून 2078 |
| 2079 | मंगलवार, 30 मई 2079 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में वट सावित्री 2075
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | गुरुवार, 13 जून 2075 |
| मुंबई | गुरुवार, 13 जून 2075 |
| कोलकाता | गुरुवार, 13 जून 2075 |
| चेन्नई | गुरुवार, 13 जून 2075 |
| बेंगलुरु | गुरुवार, 13 जून 2075 |
| हैदराबाद | गुरुवार, 13 जून 2075 |
| पुणे | गुरुवार, 13 जून 2075 |
| अहमदाबाद | गुरुवार, 13 जून 2075 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।
इसका महत्व
विवाहित स्त्रियाँ सावित्री को याद करती हैं, जिनकी निष्ठा ने यम से पति के प्राण वापस लिए।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।
- स्वास्थ्य अनुसार उपवास
- वट (बरगद) वृक्ष की पूजा
- परिक्रमा करते हुए वृक्ष पर धागा लपेटें
- सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें
- बड़ों का आशीर्वाद लें
पूरे भारत में
उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।
प्रश्न
2075 में वट सावित्री कब है?
वट सावित्री गुरुवार, 13 जून 2075 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
2076 में वट सावित्री कब है?
वट सावित्री सोमवार, 1 जून 2076 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
वट सावित्री क्या है?
विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।
वट सावित्री परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?
उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।
2077 में वट सावित्री कब है?
शनिवार, 22 मई 2077. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2078 में वट सावित्री कब है?
शुक्रवार, 10 जून 2078. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2079 में वट सावित्री कब है?
मंगलवार, 30 मई 2079. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
पूरे भारत में वट सावित्री कैसे मनाया जाता है?
उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।