वट सावित्री 2064: तिथि और पूजा मुहूर्त

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

वट सावित्री 2064

शुक्रवार, 16 मई 2064

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 14:13, 15 मई – 15:25, 16 मई

वट सावित्री 2065

गुरुवार, 4 जून 2065

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 06:24, 3 जून – 08:35, 4 जून

वट सावित्री की तिथियाँ 2064–2068

वर्षतिथि और मुहूर्त
2064शुक्रवार, 16 मई 2064
2065गुरुवार, 4 जून 2065
2066सोमवार, 24 मई 2066
2067शनिवार, 11 जून 2067
2068गुरुवार, 31 मई 2068

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में वट सावित्री 2064

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीशुक्रवार, 16 मई 2064
मुंबईशुक्रवार, 16 मई 2064
कोलकाताशुक्रवार, 16 मई 2064
चेन्नईशुक्रवार, 16 मई 2064
बेंगलुरुशुक्रवार, 16 मई 2064
हैदराबादशुक्रवार, 16 मई 2064
पुणेशुक्रवार, 16 मई 2064
अहमदाबादशुक्रवार, 16 मई 2064

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

इसका महत्व

विवाहित स्त्रियाँ सावित्री को याद करती हैं, जिनकी निष्ठा ने यम से पति के प्राण वापस लिए।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

  1. स्वास्थ्य अनुसार उपवास
  2. वट (बरगद) वृक्ष की पूजा
  3. परिक्रमा करते हुए वृक्ष पर धागा लपेटें
  4. सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें
  5. बड़ों का आशीर्वाद लें

पूरे भारत में

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

प्रश्न

2064 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री शुक्रवार, 16 मई 2064 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2065 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री गुरुवार, 4 जून 2065 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

वट सावित्री क्या है?

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

वट सावित्री परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

2066 में वट सावित्री कब है?

सोमवार, 24 मई 2066. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2067 में वट सावित्री कब है?

शनिवार, 11 जून 2067. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2068 में वट सावित्री कब है?

गुरुवार, 31 मई 2068. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में वट सावित्री कैसे मनाया जाता है?

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

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