वट सावित्री 2062: तिथि और पूजा मुहूर्त

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

वट सावित्री 2062

बुधवार, 7 जून 2062

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 20:14, 6 जून – 16:42, 7 जून

वट सावित्री 2063

सोमवार, 28 मई 2063

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 08:47, 27 मई – 07:17, 28 मई

वट सावित्री की तिथियाँ 2062–2066

वर्षतिथि और मुहूर्त
2062बुधवार, 7 जून 2062
2063सोमवार, 28 मई 2063
2064शुक्रवार, 16 मई 2064
2065गुरुवार, 4 जून 2065
2066सोमवार, 24 मई 2066

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में वट सावित्री 2062

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीबुधवार, 7 जून 2062
मुंबईबुधवार, 7 जून 2062
कोलकाताबुधवार, 7 जून 2062
चेन्नईबुधवार, 7 जून 2062
बेंगलुरुबुधवार, 7 जून 2062
हैदराबादबुधवार, 7 जून 2062
पुणेबुधवार, 7 जून 2062
अहमदाबादबुधवार, 7 जून 2062

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

इसका महत्व

विवाहित स्त्रियाँ सावित्री को याद करती हैं, जिनकी निष्ठा ने यम से पति के प्राण वापस लिए।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

  1. स्वास्थ्य अनुसार उपवास
  2. वट (बरगद) वृक्ष की पूजा
  3. परिक्रमा करते हुए वृक्ष पर धागा लपेटें
  4. सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें
  5. बड़ों का आशीर्वाद लें

पूरे भारत में

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

प्रश्न

2062 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री बुधवार, 7 जून 2062 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2063 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री सोमवार, 28 मई 2063 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

वट सावित्री क्या है?

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

वट सावित्री परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

2064 में वट सावित्री कब है?

शुक्रवार, 16 मई 2064. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2065 में वट सावित्री कब है?

गुरुवार, 4 जून 2065. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2066 में वट सावित्री कब है?

सोमवार, 24 मई 2066. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में वट सावित्री कैसे मनाया जाता है?

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

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