वट सावित्री 2059: तिथि और पूजा मुहूर्त

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

वट सावित्री 2059

मंगलवार, 10 जून 2059

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 12:08, 9 जून – 11:27, 10 जून

वट सावित्री 2060

शनिवार, 29 मई 2060

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 02:55, 29 मई – 23:53, 29 मई

वट सावित्री की तिथियाँ 2059–2063

वर्षतिथि और मुहूर्त
2059मंगलवार, 10 जून 2059
2060शनिवार, 29 मई 2060
2061गुरुवार, 19 मई 2061
2062बुधवार, 7 जून 2062
2063सोमवार, 28 मई 2063

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में वट सावित्री 2059

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीमंगलवार, 10 जून 2059
मुंबईमंगलवार, 10 जून 2059
कोलकातामंगलवार, 10 जून 2059
चेन्नईमंगलवार, 10 जून 2059
बेंगलुरुमंगलवार, 10 जून 2059
हैदराबादमंगलवार, 10 जून 2059
पुणेमंगलवार, 10 जून 2059
अहमदाबादमंगलवार, 10 जून 2059

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

इसका महत्व

विवाहित स्त्रियाँ सावित्री को याद करती हैं, जिनकी निष्ठा ने यम से पति के प्राण वापस लिए।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

  1. स्वास्थ्य अनुसार उपवास
  2. वट (बरगद) वृक्ष की पूजा
  3. परिक्रमा करते हुए वृक्ष पर धागा लपेटें
  4. सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें
  5. बड़ों का आशीर्वाद लें

पूरे भारत में

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

प्रश्न

2059 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री मंगलवार, 10 जून 2059 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2060 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री शनिवार, 29 मई 2060 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

वट सावित्री क्या है?

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

वट सावित्री परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

2061 में वट सावित्री कब है?

गुरुवार, 19 मई 2061. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2062 में वट सावित्री कब है?

बुधवार, 7 जून 2062. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2063 में वट सावित्री कब है?

सोमवार, 28 मई 2063. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में वट सावित्री कैसे मनाया जाता है?

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

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