वट सावित्री 2048: तिथि और पूजा मुहूर्त

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

वट सावित्री 2048

गुरुवार, 11 जून 2048

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 15:44, 10 जून – 18:19, 11 जून

वट सावित्री 2049

सोमवार, 31 मई 2049

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 18:06, 30 मई – 19:30, 31 मई

वट सावित्री की तिथियाँ 2048–2052

वर्षतिथि और मुहूर्त
2048गुरुवार, 11 जून 2048
2049सोमवार, 31 मई 2049
2050शुक्रवार, 20 मई 2050
2051गुरुवार, 8 जून 2051
2052मंगलवार, 28 मई 2052

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में वट सावित्री 2048

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीगुरुवार, 11 जून 2048
मुंबईगुरुवार, 11 जून 2048
कोलकातागुरुवार, 11 जून 2048
चेन्नईगुरुवार, 11 जून 2048
बेंगलुरुगुरुवार, 11 जून 2048
हैदराबादगुरुवार, 11 जून 2048
पुणेगुरुवार, 11 जून 2048
अहमदाबादगुरुवार, 11 जून 2048

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

इसका महत्व

विवाहित स्त्रियाँ सावित्री को याद करती हैं, जिनकी निष्ठा ने यम से पति के प्राण वापस लिए।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

  1. स्वास्थ्य अनुसार उपवास
  2. वट (बरगद) वृक्ष की पूजा
  3. परिक्रमा करते हुए वृक्ष पर धागा लपेटें
  4. सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें
  5. बड़ों का आशीर्वाद लें

पूरे भारत में

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

प्रश्न

2048 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री गुरुवार, 11 जून 2048 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2049 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री सोमवार, 31 मई 2049 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

वट सावित्री क्या है?

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

वट सावित्री परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

2050 में वट सावित्री कब है?

शुक्रवार, 20 मई 2050. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2051 में वट सावित्री कब है?

गुरुवार, 8 जून 2051. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2052 में वट सावित्री कब है?

मंगलवार, 28 मई 2052. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में वट सावित्री कैसे मनाया जाता है?

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

आगे देखें