वट सावित्री 2045: तिथि और पूजा मुहूर्त

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

वट सावित्री 2045

मंगलवार, 16 मई 2045

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 01:36, 16 मई – 23:56, 16 मई

वट सावित्री 2046

सोमवार, 4 जून 2046

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 21:06, 3 जून – 20:52, 4 जून

वट सावित्री की तिथियाँ 2045–2049

वर्षतिथि और मुहूर्त
2045मंगलवार, 16 मई 2045
2046सोमवार, 4 जून 2046
2047शुक्रवार, 24 मई 2047
2048गुरुवार, 11 जून 2048
2049सोमवार, 31 मई 2049

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में वट सावित्री 2045

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीमंगलवार, 16 मई 2045
मुंबईमंगलवार, 16 मई 2045
कोलकातामंगलवार, 16 मई 2045
चेन्नईमंगलवार, 16 मई 2045
बेंगलुरुमंगलवार, 16 मई 2045
हैदराबादमंगलवार, 16 मई 2045
पुणेमंगलवार, 16 मई 2045
अहमदाबादमंगलवार, 16 मई 2045

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

इसका महत्व

विवाहित स्त्रियाँ सावित्री को याद करती हैं, जिनकी निष्ठा ने यम से पति के प्राण वापस लिए।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

  1. स्वास्थ्य अनुसार उपवास
  2. वट (बरगद) वृक्ष की पूजा
  3. परिक्रमा करते हुए वृक्ष पर धागा लपेटें
  4. सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें
  5. बड़ों का आशीर्वाद लें

पूरे भारत में

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

प्रश्न

2045 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री मंगलवार, 16 मई 2045 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2046 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री सोमवार, 4 जून 2046 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

वट सावित्री क्या है?

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

वट सावित्री परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

2047 में वट सावित्री कब है?

शुक्रवार, 24 मई 2047. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2048 में वट सावित्री कब है?

गुरुवार, 11 जून 2048. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2049 में वट सावित्री कब है?

सोमवार, 31 मई 2049. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में वट सावित्री कैसे मनाया जाता है?

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

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