वट सावित्री 2039: तिथि और पूजा मुहूर्त

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

वट सावित्री 2039

रविवार, 22 मई 2039

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 04:36, 22 मई – 07:08, 23 मई

वट सावित्री 2040

शनिवार, 9 जून 2040

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 21:34, 8 जून – 23:33, 9 जून

वट सावित्री की तिथियाँ 2039–2043

वर्षतिथि और मुहूर्त
2039रविवार, 22 मई 2039
2040शनिवार, 9 जून 2040
2041बुधवार, 29 मई 2041
2042सोमवार, 19 मई 2042
2043रविवार, 7 जून 2043

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में वट सावित्री 2039

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीरविवार, 22 मई 2039
मुंबईरविवार, 22 मई 2039
कोलकातारविवार, 22 मई 2039
चेन्नईरविवार, 22 मई 2039
बेंगलुरुरविवार, 22 मई 2039
हैदराबादरविवार, 22 मई 2039
पुणेरविवार, 22 मई 2039
अहमदाबादरविवार, 22 मई 2039

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

इसका महत्व

विवाहित स्त्रियाँ सावित्री को याद करती हैं, जिनकी निष्ठा ने यम से पति के प्राण वापस लिए।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

  1. स्वास्थ्य अनुसार उपवास
  2. वट (बरगद) वृक्ष की पूजा
  3. परिक्रमा करते हुए वृक्ष पर धागा लपेटें
  4. सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें
  5. बड़ों का आशीर्वाद लें

पूरे भारत में

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

प्रश्न

2039 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री रविवार, 22 मई 2039 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2040 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री शनिवार, 9 जून 2040 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

वट सावित्री क्या है?

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

वट सावित्री परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

2041 में वट सावित्री कब है?

बुधवार, 29 मई 2041. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2042 में वट सावित्री कब है?

सोमवार, 19 मई 2042. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2043 में वट सावित्री कब है?

रविवार, 7 जून 2043. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में वट सावित्री कैसे मनाया जाता है?

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

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