वट सावित्री 2037: तिथि और पूजा मुहूर्त

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

वट सावित्री 2037

शुक्रवार, 15 मई 2037

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 11:03, 14 मई – 11:24, 15 मई

वट सावित्री 2038

बुधवार, 2 जून 2038

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 04:14, 2 जून – 05:54, 3 जून

वट सावित्री की तिथियाँ 2037–2041

वर्षतिथि और मुहूर्त
2037शुक्रवार, 15 मई 2037
2038बुधवार, 2 जून 2038
2039रविवार, 22 मई 2039
2040शनिवार, 9 जून 2040
2041बुधवार, 29 मई 2041

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में वट सावित्री 2037

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीशुक्रवार, 15 मई 2037
मुंबईशुक्रवार, 15 मई 2037
कोलकाताशुक्रवार, 15 मई 2037
चेन्नईशुक्रवार, 15 मई 2037
बेंगलुरुशुक्रवार, 15 मई 2037
हैदराबादशुक्रवार, 15 मई 2037
पुणेशुक्रवार, 15 मई 2037
अहमदाबादशुक्रवार, 15 मई 2037

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

इसका महत्व

विवाहित स्त्रियाँ सावित्री को याद करती हैं, जिनकी निष्ठा ने यम से पति के प्राण वापस लिए।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

  1. स्वास्थ्य अनुसार उपवास
  2. वट (बरगद) वृक्ष की पूजा
  3. परिक्रमा करते हुए वृक्ष पर धागा लपेटें
  4. सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें
  5. बड़ों का आशीर्वाद लें

पूरे भारत में

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

प्रश्न

2037 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री शुक्रवार, 15 मई 2037 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2038 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री बुधवार, 2 जून 2038 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

वट सावित्री क्या है?

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

वट सावित्री परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

2039 में वट सावित्री कब है?

रविवार, 22 मई 2039. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2040 में वट सावित्री कब है?

शनिवार, 9 जून 2040. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2041 में वट सावित्री कब है?

बुधवार, 29 मई 2041. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में वट सावित्री कैसे मनाया जाता है?

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

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