वट सावित्री 2030: तिथि और पूजा मुहूर्त

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

वट सावित्री 2030

शनिवार, 1 जून 2030

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 09:15, 31 मई – 11:51, 1 जून

वट सावित्री 2031

बुधवार, 21 मई 2031

वैशाख कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत ज्येष्ठ): 11:14, 20 मई – 12:47, 21 मई

वट सावित्री की तिथियाँ 2030–2034

वर्षतिथि और मुहूर्त
2030शनिवार, 1 जून 2030
2031बुधवार, 21 मई 2031
2032मंगलवार, 8 जून 2032
2033शनिवार, 28 मई 2033
2034गुरुवार, 18 मई 2034

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में वट सावित्री 2030

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीशनिवार, 1 जून 2030
मुंबईशनिवार, 1 जून 2030
कोलकाताशनिवार, 1 जून 2030
चेन्नईशनिवार, 1 जून 2030
बेंगलुरुशनिवार, 1 जून 2030
हैदराबादशनिवार, 1 जून 2030
पुणेशनिवार, 1 जून 2030
अहमदाबादशनिवार, 1 जून 2030

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

इसका महत्व

विवाहित स्त्रियाँ सावित्री को याद करती हैं, जिनकी निष्ठा ने यम से पति के प्राण वापस लिए।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

  1. स्वास्थ्य अनुसार उपवास
  2. वट (बरगद) वृक्ष की पूजा
  3. परिक्रमा करते हुए वृक्ष पर धागा लपेटें
  4. सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें
  5. बड़ों का आशीर्वाद लें

पूरे भारत में

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

प्रश्न

2030 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री शनिवार, 1 जून 2030 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2031 में वट सावित्री कब है?

वट सावित्री बुधवार, 21 मई 2031 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

वट सावित्री क्या है?

विवाहित स्त्रियों का व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या को (उत्तर भारत में), बरगद के पेड़ के नीचे। यह सावित्री की याद दिलाता है, जिनकी निष्ठा और बुद्धि ने उनके पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

वट सावित्री परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?

उपवास, बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और उसके तने पर धागे बाँधना, और सावित्री कथा।

2032 में वट सावित्री कब है?

मंगलवार, 8 जून 2032. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2033 में वट सावित्री कब है?

शनिवार, 28 मई 2033. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2034 में वट सावित्री कब है?

गुरुवार, 18 मई 2034. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में वट सावित्री कैसे मनाया जाता है?

उत्तर में ज्येष्ठ अमावस्या को और महाराष्ट्र, गुजरात व कर्नाटक में ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा) को।

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