वसंत पंचमी 2100: तिथि और पूजा मुहूर्त

माघ शुक्ल पक्ष का पाँचवाँ दिन, विद्या और संगीत की देवी सरस्वती को समर्पित।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

वसंत पंचमी 2100

रविवार, 14 फ़रवरी 2100 · सरस्वती पूजा 07:00 – 12:35

माघ शुक्ल पंचमी: 18:15, 13 फ़रवरी – 20:56, 14 फ़रवरी

वसंत पंचमी की तिथियाँ 2100–2104

वर्षतिथि और मुहूर्त
2100रविवार, 14 फ़रवरी 2100 · सरस्वती पूजा 07:00 – 12:35

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में वसंत पंचमी 2100

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीरविवार, 14 फ़रवरी 2100 · सरस्वती पूजा 07:00 – 12:35
मुंबईरविवार, 14 फ़रवरी 2100 · सरस्वती पूजा 07:07 – 12:52
कोलकातारविवार, 14 फ़रवरी 2100 · सरस्वती पूजा 06:08 – 11:50
चेन्नईरविवार, 14 फ़रवरी 2100 · सरस्वती पूजा 06:31 – 12:23
बेंगलुरुरविवार, 14 फ़रवरी 2100 · सरस्वती पूजा 06:42 – 12:33
हैदराबादरविवार, 14 फ़रवरी 2100 · सरस्वती पूजा 06:42 – 12:30
पुणेरविवार, 14 फ़रवरी 2100 · सरस्वती पूजा 07:02 – 12:48
अहमदाबादरविवार, 14 फ़रवरी 2100 · सरस्वती पूजा 07:12 – 12:53

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

माघ शुक्ल पक्ष का पाँचवाँ दिन, विद्या और संगीत की देवी सरस्वती को समर्पित। यह वसंत के आगमन का दिन है; खिले हुए सरसों के खेतों का पीला रंग इसका रंग है।

इसका महत्व

सरस्वती के आशीर्वाद से विद्या और कला की शुरुआत का दिन, और वसंत की पहली आहट।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

दोपहर से पहले सरस्वती पूजा, उनके सामने पुस्तकें और वाद्य रखे जाते हैं, बच्चे अक्सर अपने पहले अक्षर लिखना शुरू करते हैं, और पीले वस्त्र व मिठाइयाँ।

  1. पीले कपड़े पहनें और पीले फूल व मिठाई चढ़ाएँ
  2. किताबें, कलम और वाद्य सरस्वती के सामने रखें
  3. पूर्वाह्न में सरस्वती पूजा
  4. बच्चे का पहला अक्षर (विद्यारंभ)
  5. दिन भर पढ़ाई और संगीत को हल्का और आनंदमय रखें

पूरे भारत में

पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार में सरस्वती पूजा विशेष रूप से भव्य होती है; पंजाब में पतंग और पीले कपड़ों से यह दिन मनाया जाता है।

प्रश्न

2100 में वसंत पंचमी कब है?

वसंत पंचमी रविवार, 14 फ़रवरी 2100 को है, शुक्ल पंचमी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: रविवार, 14 फ़रवरी को 07:00 – 12:35। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।

वसंत पंचमी क्या है?

माघ शुक्ल पक्ष का पाँचवाँ दिन, विद्या और संगीत की देवी सरस्वती को समर्पित। यह वसंत के आगमन का दिन है; खिले हुए सरसों के खेतों का पीला रंग इसका रंग है।

वसंत पंचमी परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?

दोपहर से पहले सरस्वती पूजा, उनके सामने पुस्तकें और वाद्य रखे जाते हैं, बच्चे अक्सर अपने पहले अक्षर लिखना शुरू करते हैं, और पीले वस्त्र व मिठाइयाँ।

पूरे भारत में वसंत पंचमी कैसे मनाया जाता है?

पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार में सरस्वती पूजा विशेष रूप से भव्य होती है; पंजाब में पतंग और पीले कपड़ों से यह दिन मनाया जाता है।

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