वसंत पंचमी 2045: तिथि और पूजा मुहूर्त

माघ शुक्ल पक्ष का पाँचवाँ दिन, विद्या और संगीत की देवी सरस्वती को समर्पित।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

वसंत पंचमी 2045

सोमवार, 23 जनवरी 2045 · सरस्वती पूजा 07:12 – 12:33

माघ शुक्ल पंचमी: 19:43, 22 जनवरी – 21:22, 23 जनवरी

वसंत पंचमी 2046

रविवार, 11 फ़रवरी 2046 · सरस्वती पूजा 07:02 – 12:35

माघ शुक्ल पंचमी: 15:09, 10 फ़रवरी – 17:25, 11 फ़रवरी

वसंत पंचमी की तिथियाँ 2045–2049

वर्षतिथि और मुहूर्त
2045सोमवार, 23 जनवरी 2045 · सरस्वती पूजा 07:12 – 12:33
2046रविवार, 11 फ़रवरी 2046 · सरस्वती पूजा 07:02 – 12:35
2047बुधवार, 30 जनवरी 2047 · सरस्वती पूजा 07:10 – 12:34
2048रविवार, 19 जनवरी 2048 · सरस्वती पूजा 07:14 – 12:31
2049शनिवार, 6 फ़रवरी 2049 · सरस्वती पूजा 07:05 – 12:35

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में वसंत पंचमी 2045

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीसोमवार, 23 जनवरी 2045 · सरस्वती पूजा 07:12 – 12:33
मुंबईसोमवार, 23 जनवरी 2045 · सरस्वती पूजा 07:14 – 12:50
कोलकातासोमवार, 23 जनवरी 2045 · सरस्वती पूजा 06:17 – 11:48
चेन्नईसोमवार, 23 जनवरी 2045 · सरस्वती पूजा 06:35 – 12:20
बेंगलुरुसोमवार, 23 जनवरी 2045 · सरस्वती पूजा 06:46 – 12:31
हैदराबादसोमवार, 23 जनवरी 2045 · सरस्वती पूजा 06:49 – 12:27
पुणेसोमवार, 23 जनवरी 2045 · सरस्वती पूजा 07:09 – 12:46
अहमदाबादसोमवार, 23 जनवरी 2045 · सरस्वती पूजा 07:21 – 12:51

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

माघ शुक्ल पक्ष का पाँचवाँ दिन, विद्या और संगीत की देवी सरस्वती को समर्पित। यह वसंत के आगमन का दिन है; खिले हुए सरसों के खेतों का पीला रंग इसका रंग है।

इसका महत्व

सरस्वती के आशीर्वाद से विद्या और कला की शुरुआत का दिन, और वसंत की पहली आहट।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

दोपहर से पहले सरस्वती पूजा, उनके सामने पुस्तकें और वाद्य रखे जाते हैं, बच्चे अक्सर अपने पहले अक्षर लिखना शुरू करते हैं, और पीले वस्त्र व मिठाइयाँ।

  1. पीले कपड़े पहनें और पीले फूल व मिठाई चढ़ाएँ
  2. किताबें, कलम और वाद्य सरस्वती के सामने रखें
  3. पूर्वाह्न में सरस्वती पूजा
  4. बच्चे का पहला अक्षर (विद्यारंभ)
  5. दिन भर पढ़ाई और संगीत को हल्का और आनंदमय रखें

पूरे भारत में

पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार में सरस्वती पूजा विशेष रूप से भव्य होती है; पंजाब में पतंग और पीले कपड़ों से यह दिन मनाया जाता है।

प्रश्न

2045 में वसंत पंचमी कब है?

वसंत पंचमी सोमवार, 23 जनवरी 2045 को है, शुक्ल पंचमी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2046 में वसंत पंचमी कब है?

वसंत पंचमी रविवार, 11 फ़रवरी 2046 को है, शुक्ल पंचमी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: सोमवार, 23 जनवरी को 07:12 – 12:33। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।

वसंत पंचमी क्या है?

माघ शुक्ल पक्ष का पाँचवाँ दिन, विद्या और संगीत की देवी सरस्वती को समर्पित। यह वसंत के आगमन का दिन है; खिले हुए सरसों के खेतों का पीला रंग इसका रंग है।

2047 में वसंत पंचमी कब है?

बुधवार, 30 जनवरी 2047 · सरस्वती पूजा 07:10 – 12:34. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2048 में वसंत पंचमी कब है?

रविवार, 19 जनवरी 2048 · सरस्वती पूजा 07:14 – 12:31. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2049 में वसंत पंचमी कब है?

शनिवार, 6 फ़रवरी 2049 · सरस्वती पूजा 07:05 – 12:35. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में वसंत पंचमी कैसे मनाया जाता है?

पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार में सरस्वती पूजा विशेष रूप से भव्य होती है; पंजाब में पतंग और पीले कपड़ों से यह दिन मनाया जाता है।

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