वसंत पंचमी 2043: तिथि और पूजा मुहूर्त

माघ शुक्ल पक्ष का पाँचवाँ दिन, विद्या और संगीत की देवी सरस्वती को समर्पित।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

वसंत पंचमी 2043

शनिवार, 14 फ़रवरी 2043 · सरस्वती पूजा 07:00 – 12:35

माघ शुक्ल पंचमी: 18:10, 13 फ़रवरी – 15:51, 14 फ़रवरी

वसंत पंचमी 2044

बुधवार, 3 फ़रवरी 2044 · सरस्वती पूजा 07:08 – 12:35

माघ शुक्ल पंचमी: 11:11, 3 फ़रवरी – 10:35, 4 फ़रवरी

वसंत पंचमी की तिथियाँ 2043–2047

वर्षतिथि और मुहूर्त
2043शनिवार, 14 फ़रवरी 2043 · सरस्वती पूजा 07:00 – 12:35
2044बुधवार, 3 फ़रवरी 2044 · सरस्वती पूजा 07:08 – 12:35
2045सोमवार, 23 जनवरी 2045 · सरस्वती पूजा 07:12 – 12:33
2046रविवार, 11 फ़रवरी 2046 · सरस्वती पूजा 07:02 – 12:35
2047बुधवार, 30 जनवरी 2047 · सरस्वती पूजा 07:10 – 12:34

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में वसंत पंचमी 2043

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीशनिवार, 14 फ़रवरी 2043 · सरस्वती पूजा 07:00 – 12:35
मुंबईशनिवार, 14 फ़रवरी 2043 · सरस्वती पूजा 07:07 – 12:52
कोलकाताशनिवार, 14 फ़रवरी 2043 · सरस्वती पूजा 06:09 – 11:50
चेन्नईशनिवार, 14 फ़रवरी 2043 · सरस्वती पूजा 06:31 – 12:23
बेंगलुरुशनिवार, 14 फ़रवरी 2043 · सरस्वती पूजा 06:42 – 12:33
हैदराबादशनिवार, 14 फ़रवरी 2043 · सरस्वती पूजा 06:43 – 12:30
पुणेशनिवार, 14 फ़रवरी 2043 · सरस्वती पूजा 07:02 – 12:48
अहमदाबादशनिवार, 14 फ़रवरी 2043 · सरस्वती पूजा 07:12 – 12:53

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

माघ शुक्ल पक्ष का पाँचवाँ दिन, विद्या और संगीत की देवी सरस्वती को समर्पित। यह वसंत के आगमन का दिन है; खिले हुए सरसों के खेतों का पीला रंग इसका रंग है।

इसका महत्व

सरस्वती के आशीर्वाद से विद्या और कला की शुरुआत का दिन, और वसंत की पहली आहट।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

दोपहर से पहले सरस्वती पूजा, उनके सामने पुस्तकें और वाद्य रखे जाते हैं, बच्चे अक्सर अपने पहले अक्षर लिखना शुरू करते हैं, और पीले वस्त्र व मिठाइयाँ।

  1. पीले कपड़े पहनें और पीले फूल व मिठाई चढ़ाएँ
  2. किताबें, कलम और वाद्य सरस्वती के सामने रखें
  3. पूर्वाह्न में सरस्वती पूजा
  4. बच्चे का पहला अक्षर (विद्यारंभ)
  5. दिन भर पढ़ाई और संगीत को हल्का और आनंदमय रखें

पूरे भारत में

पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार में सरस्वती पूजा विशेष रूप से भव्य होती है; पंजाब में पतंग और पीले कपड़ों से यह दिन मनाया जाता है।

प्रश्न

2043 में वसंत पंचमी कब है?

वसंत पंचमी शनिवार, 14 फ़रवरी 2043 को है, शुक्ल पंचमी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2044 में वसंत पंचमी कब है?

वसंत पंचमी बुधवार, 3 फ़रवरी 2044 को है, शुक्ल पंचमी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: शनिवार, 14 फ़रवरी को 07:00 – 12:35। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।

वसंत पंचमी क्या है?

माघ शुक्ल पक्ष का पाँचवाँ दिन, विद्या और संगीत की देवी सरस्वती को समर्पित। यह वसंत के आगमन का दिन है; खिले हुए सरसों के खेतों का पीला रंग इसका रंग है।

2045 में वसंत पंचमी कब है?

सोमवार, 23 जनवरी 2045 · सरस्वती पूजा 07:12 – 12:33. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2046 में वसंत पंचमी कब है?

रविवार, 11 फ़रवरी 2046 · सरस्वती पूजा 07:02 – 12:35. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2047 में वसंत पंचमी कब है?

बुधवार, 30 जनवरी 2047 · सरस्वती पूजा 07:10 – 12:34. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में वसंत पंचमी कैसे मनाया जाता है?

पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार में सरस्वती पूजा विशेष रूप से भव्य होती है; पंजाब में पतंग और पीले कपड़ों से यह दिन मनाया जाता है।

आगे देखें