शरद पूर्णिमा 2100: तिथि और पूजा मुहूर्त
आश्विन की पूर्णिमा, परंपरा में वर्ष की सबसे उजली पूर्णिमा।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
शरद पूर्णिमा 2100
रविवार, 17 अक्टूबर 2100 · चंद्रोदय 17:12
आश्विन शुक्ल पूर्णिमा: 07:22, 17 अक्टूबर – 09:37, 18 अक्टूबर
शरद पूर्णिमा की तिथियाँ 2100–2104
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2100 | रविवार, 17 अक्टूबर 2100 · चंद्रोदय 17:12 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में शरद पूर्णिमा 2100
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | रविवार, 17 अक्टूबर 2100 · चंद्रोदय 17:12 |
| मुंबई | रविवार, 17 अक्टूबर 2100 · चंद्रोदय 17:38 |
| कोलकाता | रविवार, 17 अक्टूबर 2100 · चंद्रोदय 16:32 |
| चेन्नई | रविवार, 17 अक्टूबर 2100 · चंद्रोदय 17:12 |
| बेंगलुरु | रविवार, 17 अक्टूबर 2100 · चंद्रोदय 17:23 |
| हैदराबाद | रविवार, 17 अक्टूबर 2100 · चंद्रोदय 17:16 |
| पुणे | रविवार, 17 अक्टूबर 2100 · चंद्रोदय 17:34 |
| अहमदाबाद | रविवार, 17 अक्टूबर 2100 · चंद्रोदय 17:36 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
आश्विन की पूर्णिमा, परंपरा में वर्ष की सबसे उजली पूर्णिमा। कहा जाता है कि इस रात चंद्रमा अपनी सभी सोलह कलाओं से चमकता है।
इसका महत्व
साल की सबसे उजली पूर्णिमा, जिस रात परंपरा के अनुसार अमृत बरसता है।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
चाँदनी में रखी खीर और उसका बाँटना, लक्ष्मी की पूजा, और चाँदनी में जागना (बंगाल में कोजागरी)।
- खीर बनाकर चाँदनी में रखें
- पूर्ण चंद्रमा के नीचे जागें
- लक्ष्मी की पूजा, जो परंपरा के अनुसार इस रात घरों में आती हैं
- अगली सुबह खीर बाँटें
पूरे भारत में
महाराष्ट्र और बंगाल में कोजागिरी पूर्णिमा; गुजरात में चाँदनी में गरबा के साथ मनाई जाती है।
प्रश्न
2100 में शरद पूर्णिमा कब है?
शरद पूर्णिमा रविवार, 17 अक्टूबर 2100 को है, शुक्ल पूर्णिमा तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
शरद पूर्णिमा क्या है?
आश्विन की पूर्णिमा, परंपरा में वर्ष की सबसे उजली पूर्णिमा। कहा जाता है कि इस रात चंद्रमा अपनी सभी सोलह कलाओं से चमकता है।
शरद पूर्णिमा परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?
चाँदनी में रखी खीर और उसका बाँटना, लक्ष्मी की पूजा, और चाँदनी में जागना (बंगाल में कोजागरी)।
पूरे भारत में शरद पूर्णिमा कैसे मनाया जाता है?
महाराष्ट्र और बंगाल में कोजागिरी पूर्णिमा; गुजरात में चाँदनी में गरबा के साथ मनाई जाती है।