शरद पूर्णिमा 2034: तिथि और पूजा मुहूर्त

आश्विन की पूर्णिमा, परंपरा में वर्ष की सबसे उजली पूर्णिमा।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

शरद पूर्णिमा 2034

गुरुवार, 26 अक्टूबर 2034 · चंद्रोदय 17:02

आश्विन शुक्ल पूर्णिमा: 21:41, 26 अक्टूबर – 18:12, 27 अक्टूबर

शरद पूर्णिमा 2035

मंगलवार, 16 अक्टूबर 2035 · चंद्रोदय 17:37

आश्विन शुक्ल पूर्णिमा: 09:33, 16 अक्टूबर – 08:05, 17 अक्टूबर

शरद पूर्णिमा की तिथियाँ 2034–2038

वर्षतिथि और मुहूर्त
2034गुरुवार, 26 अक्टूबर 2034 · चंद्रोदय 17:02
2035मंगलवार, 16 अक्टूबर 2035 · चंद्रोदय 17:37
2036शनिवार, 4 अक्टूबर 2036 · चंद्रोदय 17:43
2037शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2037 · चंद्रोदय 17:34
2038मंगलवार, 12 अक्टूबर 2038 · चंद्रोदय 17:47

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में शरद पूर्णिमा 2034

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीगुरुवार, 26 अक्टूबर 2034 · चंद्रोदय 17:02
मुंबईगुरुवार, 26 अक्टूबर 2034 · चंद्रोदय 17:24
कोलकातागुरुवार, 26 अक्टूबर 2034 · चंद्रोदय 16:18
चेन्नईगुरुवार, 26 अक्टूबर 2034 · चंद्रोदय 16:56
बेंगलुरुगुरुवार, 26 अक्टूबर 2034 · चंद्रोदय 17:07
हैदराबादगुरुवार, 26 अक्टूबर 2034 · चंद्रोदय 17:01
पुणेगुरुवार, 26 अक्टूबर 2034 · चंद्रोदय 17:20
अहमदाबादगुरुवार, 26 अक्टूबर 2034 · चंद्रोदय 17:23

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

आश्विन की पूर्णिमा, परंपरा में वर्ष की सबसे उजली पूर्णिमा। कहा जाता है कि इस रात चंद्रमा अपनी सभी सोलह कलाओं से चमकता है।

इसका महत्व

साल की सबसे उजली पूर्णिमा, जिस रात परंपरा के अनुसार अमृत बरसता है।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

चाँदनी में रखी खीर और उसका बाँटना, लक्ष्मी की पूजा, और चाँदनी में जागना (बंगाल में कोजागरी)।

  1. खीर बनाकर चाँदनी में रखें
  2. पूर्ण चंद्रमा के नीचे जागें
  3. लक्ष्मी की पूजा, जो परंपरा के अनुसार इस रात घरों में आती हैं
  4. अगली सुबह खीर बाँटें

पूरे भारत में

महाराष्ट्र और बंगाल में कोजागिरी पूर्णिमा; गुजरात में चाँदनी में गरबा के साथ मनाई जाती है।

प्रश्न

2034 में शरद पूर्णिमा कब है?

शरद पूर्णिमा गुरुवार, 26 अक्टूबर 2034 को है, शुक्ल पूर्णिमा तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2035 में शरद पूर्णिमा कब है?

शरद पूर्णिमा मंगलवार, 16 अक्टूबर 2035 को है, शुक्ल पूर्णिमा तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

शरद पूर्णिमा क्या है?

आश्विन की पूर्णिमा, परंपरा में वर्ष की सबसे उजली पूर्णिमा। कहा जाता है कि इस रात चंद्रमा अपनी सभी सोलह कलाओं से चमकता है।

शरद पूर्णिमा परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?

चाँदनी में रखी खीर और उसका बाँटना, लक्ष्मी की पूजा, और चाँदनी में जागना (बंगाल में कोजागरी)।

2036 में शरद पूर्णिमा कब है?

शनिवार, 4 अक्टूबर 2036 · चंद्रोदय 17:43. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2037 में शरद पूर्णिमा कब है?

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2037 · चंद्रोदय 17:34. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2038 में शरद पूर्णिमा कब है?

मंगलवार, 12 अक्टूबर 2038 · चंद्रोदय 17:47. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में शरद पूर्णिमा कैसे मनाया जाता है?

महाराष्ट्र और बंगाल में कोजागिरी पूर्णिमा; गुजरात में चाँदनी में गरबा के साथ मनाई जाती है।

आगे देखें