शारदीय नवरात्रि 2045: तिथि और पूजा मुहूर्त

शरद ऋतु में देवी की नौ रातें, आश्विन शुक्ल पक्ष के पहले दिन से।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

शारदीय नवरात्रि 2045

बुधवार, 11 अक्टूबर 2045 · घटस्थापना 06:19 – 08:38

आश्विन शुक्ल प्रतिपदा: 16:06, 10 अक्टूबर – 13:29, 11 अक्टूबर

शारदीय नवरात्रि 2046

रविवार, 30 सितंबर 2046 · घटस्थापना 06:13 – 08:36

आश्विन शुक्ल प्रतिपदा: 07:55, 30 सितंबर – 04:01, 1 अक्टूबर

शारदीय नवरात्रि की तिथियाँ 2045–2049

वर्षतिथि और मुहूर्त
2045बुधवार, 11 अक्टूबर 2045 · घटस्थापना 06:19 – 08:38
2046रविवार, 30 सितंबर 2046 · घटस्थापना 06:13 – 08:36
2047शुक्रवार, 20 सितंबर 2047 · घटस्थापना 06:08 – 08:34
2048गुरुवार, 8 अक्टूबर 2048 · घटस्थापना 06:17 – 08:38
2049मंगलवार, 28 सितंबर 2049 · घटस्थापना 06:12 – 08:36

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में शारदीय नवरात्रि 2045

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीबुधवार, 11 अक्टूबर 2045 · घटस्थापना 06:19 – 08:38
मुंबईबुधवार, 11 अक्टूबर 2045 · घटस्थापना 06:31 – 08:52
कोलकाताबुधवार, 11 अक्टूबर 2045 · घटस्थापना 05:31 – 07:52
चेन्नईबुधवार, 11 अक्टूबर 2045 · घटस्थापना 05:58 – 08:21
बेंगलुरुबुधवार, 11 अक्टूबर 2045 · घटस्थापना 06:09 – 08:32
हैदराबादबुधवार, 11 अक्टूबर 2045 · घटस्थापना 06:08 – 08:29
पुणेबुधवार, 11 अक्टूबर 2045 · घटस्थापना 06:27 – 08:48
अहमदाबादबुधवार, 11 अक्टूबर 2045 · घटस्थापना 06:34 – 08:55

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

शरद ऋतु में देवी की नौ रातें, आश्विन शुक्ल पक्ष के पहले दिन से। महिषासुर पर दुर्गा की विजय का उत्सव; हर दिन उनके नौ रूपों में से एक को समर्पित है।

इसका महत्व

साल की मुख्य नवरात्रि: देवी की नौ रातें, जिनका समापन दशहरा पर होता है।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

पहली सुबह घटस्थापना, उपवास, कई राज्यों में गरबा और डांडिया, और अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन।

  1. पहली सुबह कलश स्थापना
  2. उपवास या सरल भोजन
  3. हर दिन दुर्गा के अलग रूप की पूजा
  4. जहाँ परंपरा हो, गरबा या डांडिया
  5. अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन

पूरे भारत में

पश्चिम बंगाल और असम में दुर्गा पूजा, गुजरात में गरबा, तमिलनाडु में गोलू, तेलंगाना में बतुकम्मा।

प्रश्न

2045 में शारदीय नवरात्रि कब है?

शारदीय नवरात्रि बुधवार, 11 अक्टूबर 2045 को है, शुक्ल प्रतिपदा तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2046 में शारदीय नवरात्रि कब है?

शारदीय नवरात्रि रविवार, 30 सितंबर 2046 को है, शुक्ल प्रतिपदा तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

शारदीय नवरात्रि पर घटस्थापना का समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: बुधवार, 11 अक्टूबर को 06:19 – 08:38। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।

शारदीय नवरात्रि क्या है?

शरद ऋतु में देवी की नौ रातें, आश्विन शुक्ल पक्ष के पहले दिन से। महिषासुर पर दुर्गा की विजय का उत्सव; हर दिन उनके नौ रूपों में से एक को समर्पित है।

2047 में शारदीय नवरात्रि कब है?

शुक्रवार, 20 सितंबर 2047 · घटस्थापना 06:08 – 08:34. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2048 में शारदीय नवरात्रि कब है?

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2048 · घटस्थापना 06:17 – 08:38. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2049 में शारदीय नवरात्रि कब है?

मंगलवार, 28 सितंबर 2049 · घटस्थापना 06:12 – 08:36. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में शारदीय नवरात्रि कैसे मनाया जाता है?

पश्चिम बंगाल और असम में दुर्गा पूजा, गुजरात में गरबा, तमिलनाडु में गोलू, तेलंगाना में बतुकम्मा।

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