रथ यात्रा 2042: तिथि और पूजा मुहूर्त
भगवान जगन्नाथ का रथ उत्सव, आषाढ़ शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
रथ यात्रा 2042
गुरुवार, 19 जून 2042
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया: 23:46, 18 जून – 22:46, 19 जून
रथ यात्रा 2043
बुधवार, 8 जुलाई 2043
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया: 20:36, 7 जुलाई – 18:22, 8 जुलाई
रथ यात्रा की तिथियाँ 2042–2046
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2042 | गुरुवार, 19 जून 2042 |
| 2043 | बुधवार, 8 जुलाई 2043 |
| 2044 | सोमवार, 27 जून 2044 |
| 2045 | रविवार, 16 जुलाई 2045 |
| 2046 | गुरुवार, 5 जुलाई 2046 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में रथ यात्रा 2042
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | गुरुवार, 19 जून 2042 |
| मुंबई | गुरुवार, 19 जून 2042 |
| कोलकाता | गुरुवार, 19 जून 2042 |
| चेन्नई | गुरुवार, 19 जून 2042 |
| बेंगलुरु | गुरुवार, 19 जून 2042 |
| हैदराबाद | गुरुवार, 19 जून 2042 |
| पुणे | गुरुवार, 19 जून 2042 |
| अहमदाबाद | गुरुवार, 19 जून 2042 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
भगवान जगन्नाथ का रथ उत्सव, आषाढ़ शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन। जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को पुरी की सड़कों पर विशाल लकड़ी के रथों में खींचा जाता है।
इसका महत्व
बलभद्र और सुभद्रा के साथ जगन्नाथ विशाल रथों पर मंदिर से निकलकर मौसी के मंदिर जाते हैं — ऐसा उत्सव जिसमें भगवान स्वयं सबसे मिलने आते हैं।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
भक्त रथ खींचते हैं या अपने शहरों में शोभायात्राओं में शामिल होते हैं; मंदिरों में विशेष पूजा होती है।
- रथ यात्रा में शामिल हों या दर्शन करें
- रथ की रस्सी खींचें, जिसे बड़ा पुण्य माना जाता है
- भजन गाएँ और जगन्नाथ का नाम जपें
- महाप्रसाद बाँटें
पूरे भारत में
पुरी, ओडिशा की रथ यात्रा सबसे प्रसिद्ध; इस्कॉन भारत और दुनिया के कई शहरों में रथ यात्रा निकालता है।
प्रश्न
2042 में रथ यात्रा कब है?
रथ यात्रा गुरुवार, 19 जून 2042 को है, शुक्ल द्वितीया तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
2043 में रथ यात्रा कब है?
रथ यात्रा बुधवार, 8 जुलाई 2043 को है, शुक्ल द्वितीया तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
रथ यात्रा क्या है?
भगवान जगन्नाथ का रथ उत्सव, आषाढ़ शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन। जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को पुरी की सड़कों पर विशाल लकड़ी के रथों में खींचा जाता है।
रथ यात्रा परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?
भक्त रथ खींचते हैं या अपने शहरों में शोभायात्राओं में शामिल होते हैं; मंदिरों में विशेष पूजा होती है।
2044 में रथ यात्रा कब है?
सोमवार, 27 जून 2044. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2045 में रथ यात्रा कब है?
रविवार, 16 जुलाई 2045. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2046 में रथ यात्रा कब है?
गुरुवार, 5 जुलाई 2046. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
पूरे भारत में रथ यात्रा कैसे मनाया जाता है?
पुरी, ओडिशा की रथ यात्रा सबसे प्रसिद्ध; इस्कॉन भारत और दुनिया के कई शहरों में रथ यात्रा निकालता है।