राम नवमी 2100: तिथि और पूजा मुहूर्त

श्री राम का जन्म, चैत्र शुक्ल पक्ष के नौवें दिन।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

राम नवमी 2100

रविवार, 18 अप्रैल 2100 · मध्याह्न पूजा 11:03 – 13:38

चैत्र शुक्ल नवमी: 10:02, 18 अप्रैल – 09:05, 19 अप्रैल

राम नवमी की तिथियाँ 2100–2104

वर्षतिथि और मुहूर्त
2100रविवार, 18 अप्रैल 2100 · मध्याह्न पूजा 11:03 – 13:38

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में राम नवमी 2100

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीरविवार, 18 अप्रैल 2100 · मध्याह्न पूजा 11:03 – 13:38
मुंबईरविवार, 18 अप्रैल 2100 · मध्याह्न पूजा 11:22 – 13:53
कोलकातारविवार, 18 अप्रैल 2100 · मध्याह्न पूजा 10:19 – 12:52
चेन्नईरविवार, 18 अप्रैल 2100 · मध्याह्न पूजा 10:53 – 13:23
बेंगलुरुरविवार, 18 अप्रैल 2100 · मध्याह्न पूजा 11:04 – 13:33
हैदराबादरविवार, 18 अप्रैल 2100 · मध्याह्न पूजा 11:00 – 13:31
पुणेरविवार, 18 अप्रैल 2100 · मध्याह्न पूजा 11:18 – 13:49
अहमदाबादरविवार, 18 अप्रैल 2100 · मध्याह्न पूजा 11:22 – 13:55

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

श्री राम का जन्म, चैत्र शुक्ल पक्ष के नौवें दिन। कहा जाता है कि राम का जन्म दोपहर में हुआ था, इसलिए मुख्य पूजा मध्याह्न में होती है।

इसका महत्व

श्री राम का जन्मदिन, जिन्हें कर्तव्य और धर्म के आदर्श के रूप में याद किया जाता है।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

दोपहर में पूजा, रामायण का पाठ या श्रवण, और कई लोग पूजा तक उपवास रखते हैं।

  1. घर की सफ़ाई और पूजा स्थल की सजावट
  2. मध्याह्न पूजा तक उपवास
  3. राम के जन्म समय, मध्याह्न में पूजा
  4. रामायण या रामचरितमानस का पाठ या श्रवण
  5. पानक या सरल मिठाई का भोग और प्रसाद

पूरे भारत में

अयोध्या में भव्य उत्सव; दक्षिण में कई परिवार इस दिन नौ दिन के रामायण पाठ का समापन करते हैं।

प्रश्न

2100 में राम नवमी कब है?

राम नवमी रविवार, 18 अप्रैल 2100 को है, शुक्ल नवमी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

राम नवमी पर मध्याह्न पूजा का समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: रविवार, 18 अप्रैल को 11:03 – 13:38। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।

राम नवमी क्या है?

श्री राम का जन्म, चैत्र शुक्ल पक्ष के नौवें दिन। कहा जाता है कि राम का जन्म दोपहर में हुआ था, इसलिए मुख्य पूजा मध्याह्न में होती है।

राम नवमी परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?

दोपहर में पूजा, रामायण का पाठ या श्रवण, और कई लोग पूजा तक उपवास रखते हैं।

पूरे भारत में राम नवमी कैसे मनाया जाता है?

अयोध्या में भव्य उत्सव; दक्षिण में कई परिवार इस दिन नौ दिन के रामायण पाठ का समापन करते हैं।

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