नरक चतुर्दशी 2042: तिथि और पूजा मुहूर्त

दीवाली का दूसरा दिन, जिसे छोटी दीवाली भी कहते हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

नरक चतुर्दशी 2042

मंगलवार, 11 नवंबर 2042 · अभ्यंग स्नान 05:04 – 06:40

आश्विन कृष्ण चतुर्दशी (पूर्णिमांत कार्तिक): 20:50, 10 नवंबर – 23:30, 11 नवंबर

नरक चतुर्दशी 2043

शनिवार, 31 अक्टूबर 2043 · अभ्यंग स्नान 04:55 – 06:31

आश्विन कृष्ण चतुर्दशी (पूर्णिमांत कार्तिक): 21:34, 30 अक्टूबर – 23:22, 31 अक्टूबर

नरक चतुर्दशी की तिथियाँ 2042–2046

वर्षतिथि और मुहूर्त
2042मंगलवार, 11 नवंबर 2042 · अभ्यंग स्नान 05:04 – 06:40
2043शनिवार, 31 अक्टूबर 2043 · अभ्यंग स्नान 04:55 – 06:31
2044बुधवार, 19 अक्टूबर 2044 · अभ्यंग स्नान 04:48 – 06:24
2045बुधवार, 8 नवंबर 2045 · अभ्यंग स्नान 05:02 – 06:38
2046रविवार, 28 अक्टूबर 2046 · अभ्यंग स्नान 04:54 – 06:30

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में नरक चतुर्दशी 2042

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीमंगलवार, 11 नवंबर 2042 · अभ्यंग स्नान 05:04 – 06:40
मुंबईमंगलवार, 11 नवंबर 2042 · अभ्यंग स्नान 05:07 – 06:43
कोलकातामंगलवार, 11 नवंबर 2042 · अभ्यंग स्नान 04:10 – 05:46
चेन्नईमंगलवार, 11 नवंबर 2042 · अभ्यंग स्नान 04:29 – 06:05
बेंगलुरुमंगलवार, 11 नवंबर 2042 · अभ्यंग स्नान 04:40 – 06:16
हैदराबादमंगलवार, 11 नवंबर 2042 · अभ्यंग स्नान 04:42 – 06:18
पुणेमंगलवार, 11 नवंबर 2042 · अभ्यंग स्नान 05:02 – 06:38
अहमदाबादमंगलवार, 11 नवंबर 2042 · अभ्यंग स्नान 05:14 – 06:50

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

दीवाली का दूसरा दिन, जिसे छोटी दीवाली भी कहते हैं। यह नरकासुर पर कृष्ण की विजय की याद दिलाता है।

इसका महत्व

नरकासुर पर कृष्ण की विजय, जो भोर के स्नान और दीपों से मनाई जाती है।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

सूर्योदय से पहले तेल स्नान (अभ्यंग स्नान), शाम को दीपक, और दीवाली की तैयारी।

  1. भोर से पहले उठकर तेल स्नान (अभ्यंग स्नान)
  2. घर में दीपक जलाएँ
  3. स्थानीय परंपरा अनुसार परिवार के साथ उत्सव
  4. पकवान बाँटें

पूरे भारत में

उत्तर में छोटी दीवाली; तमिलनाडु और कर्नाटक में यही दीपावली का मुख्य दिन है।

प्रश्न

2042 में नरक चतुर्दशी कब है?

नरक चतुर्दशी मंगलवार, 11 नवंबर 2042 को है, कृष्ण चतुर्दशी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2043 में नरक चतुर्दशी कब है?

नरक चतुर्दशी शनिवार, 31 अक्टूबर 2043 को है, कृष्ण चतुर्दशी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

नरक चतुर्दशी पर अभ्यंग स्नान का समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: मंगलवार, 11 नवंबर को 05:04 – 06:40। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।

नरक चतुर्दशी क्या है?

दीवाली का दूसरा दिन, जिसे छोटी दीवाली भी कहते हैं। यह नरकासुर पर कृष्ण की विजय की याद दिलाता है।

2044 में नरक चतुर्दशी कब है?

बुधवार, 19 अक्टूबर 2044 · अभ्यंग स्नान 04:48 – 06:24. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2045 में नरक चतुर्दशी कब है?

बुधवार, 8 नवंबर 2045 · अभ्यंग स्नान 05:02 – 06:38. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2046 में नरक चतुर्दशी कब है?

रविवार, 28 अक्टूबर 2046 · अभ्यंग स्नान 04:54 – 06:30. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में नरक चतुर्दशी कैसे मनाया जाता है?

उत्तर में छोटी दीवाली; तमिलनाडु और कर्नाटक में यही दीपावली का मुख्य दिन है।

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