महाशिवरात्रि 2100: तिथि और पूजा मुहूर्त
शिव की महान रात्रि, फाल्गुन (अमांत पंचांग में माघ) की अमावस्या से पहले कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
महाशिवरात्रि 2100
सोमवार, 8 मार्च 2100 · निशीथ पूजा 00:07 – 00:55
माघ कृष्ण चतुर्दशी (पूर्णिमांत फाल्गुन): 00:16, 9 मार्च – 01:57, 10 मार्च
महाशिवरात्रि की तिथियाँ 2100–2104
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2100 | सोमवार, 8 मार्च 2100 · निशीथ पूजा 00:07 – 00:55 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में महाशिवरात्रि 2100
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | सोमवार, 8 मार्च 2100 · निशीथ पूजा 00:07 – 00:55 |
| मुंबई | सोमवार, 8 मार्च 2100 · निशीथ पूजा 00:24 – 01:13 |
| कोलकाता | मंगलवार, 9 मार्च 2100 · निशीथ पूजा 23:22 – 00:10 |
| चेन्नई | सोमवार, 8 मार्च 2100 · निशीथ पूजा 23:55 – 00:43 |
| बेंगलुरु | सोमवार, 8 मार्च 2100 · निशीथ पूजा 00:06 – 00:54 |
| हैदराबाद | सोमवार, 8 मार्च 2100 · निशीथ पूजा 00:02 – 00:50 |
| पुणे | सोमवार, 8 मार्च 2100 · निशीथ पूजा 00:20 – 01:09 |
| अहमदाबाद | सोमवार, 8 मार्च 2100 · निशीथ पूजा 00:25 – 01:14 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
शिव की महान रात्रि, फाल्गुन (अमांत पंचांग में माघ) की अमावस्या से पहले कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को। परंपरा इसे शिव के तांडव की और पार्वती से उनके विवाह की रात के रूप में याद करती है।
इसका महत्व
शिव भक्तों के लिए साल की सबसे महत्वपूर्ण रात: उपवास, प्रार्थना और स्मरण में जागने की रात।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
दिन भर का उपवास, जल, दूध और बेलपत्र से शिवलिंग का अभिषेक, ॐ नमः शिवाय का जाप, और रात्रि जागरण, मुख्य पूजा मध्यरात्रि (निशीथ) में।
- स्वास्थ्य अनुसार दिन भर उपवास
- शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें
- ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जप
- रात भर जागरण, चारों प्रहर की पूजा
- अगली सुबह व्रत खोलें
पूरे भारत में
पूरे भारत में मनाई जाती है; ज्योतिर्लिंगों, काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और महाकालेश्वर में, और नेपाल के पशुपतिनाथ में बड़े आयोजन।
प्रश्न
2100 में महाशिवरात्रि कब है?
महाशिवरात्रि सोमवार, 8 मार्च 2100 को है, कृष्ण चतुर्दशी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
महाशिवरात्रि पर निशीथ पूजा का समय क्या है?
नई दिल्ली के लिए: सोमवार, 8 मार्च को 00:07 – 00:55। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।
महाशिवरात्रि क्या है?
शिव की महान रात्रि, फाल्गुन (अमांत पंचांग में माघ) की अमावस्या से पहले कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को। परंपरा इसे शिव के तांडव की और पार्वती से उनके विवाह की रात के रूप में याद करती है।
महाशिवरात्रि परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?
दिन भर का उपवास, जल, दूध और बेलपत्र से शिवलिंग का अभिषेक, ॐ नमः शिवाय का जाप, और रात्रि जागरण, मुख्य पूजा मध्यरात्रि (निशीथ) में।
पूरे भारत में महाशिवरात्रि कैसे मनाया जाता है?
पूरे भारत में मनाई जाती है; ज्योतिर्लिंगों, काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और महाकालेश्वर में, और नेपाल के पशुपतिनाथ में बड़े आयोजन।