महाशिवरात्रि 2044: तिथि और पूजा मुहूर्त

शिव की महान रात्रि, फाल्गुन (अमांत पंचांग में माघ) की अमावस्या से पहले कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

महाशिवरात्रि 2044

शनिवार, 27 फ़रवरी 2044 · निशीथ पूजा 00:08 – 00:58

माघ कृष्ण चतुर्दशी (पूर्णिमांत फाल्गुन): 00:59, 27 फ़रवरी – 01:37, 28 फ़रवरी

महाशिवरात्रि 2045

मंगलवार, 14 फ़रवरी 2045 · निशीथ पूजा 00:09 – 01:00

माघ कृष्ण चतुर्दशी (पूर्णिमांत फाल्गुन): 00:20, 15 फ़रवरी – 02:56, 16 फ़रवरी

महाशिवरात्रि की तिथियाँ 2044–2048

वर्षतिथि और मुहूर्त
2044शनिवार, 27 फ़रवरी 2044 · निशीथ पूजा 00:08 – 00:58
2045मंगलवार, 14 फ़रवरी 2045 · निशीथ पूजा 00:09 – 01:00
2046सोमवार, 5 मार्च 2046 · निशीथ पूजा 00:07 – 00:56
2047शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2047 · निशीथ पूजा 00:09 – 00:59
2048बुधवार, 12 फ़रवरी 2048 · निशीथ पूजा 00:09 – 01:00

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में महाशिवरात्रि 2044

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीशनिवार, 27 फ़रवरी 2044 · निशीथ पूजा 00:08 – 00:58
मुंबईशुक्रवार, 26 फ़रवरी 2044 · निशीथ पूजा 00:26 – 01:15
कोलकाताशनिवार, 27 फ़रवरी 2044 · निशीथ पूजा 23:24 – 00:13
चेन्नईशनिवार, 27 फ़रवरी 2044 · निशीथ पूजा 23:57 – 00:45
बेंगलुरुशनिवार, 27 फ़रवरी 2044 · निशीथ पूजा 00:07 – 00:56
हैदराबादशनिवार, 27 फ़रवरी 2044 · निशीथ पूजा 00:04 – 00:53
पुणेशुक्रवार, 26 फ़रवरी 2044 · निशीथ पूजा 00:22 – 01:11
अहमदाबादशुक्रवार, 26 फ़रवरी 2044 · निशीथ पूजा 00:27 – 01:17

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

शिव की महान रात्रि, फाल्गुन (अमांत पंचांग में माघ) की अमावस्या से पहले कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को। परंपरा इसे शिव के तांडव की और पार्वती से उनके विवाह की रात के रूप में याद करती है।

इसका महत्व

शिव भक्तों के लिए साल की सबसे महत्वपूर्ण रात: उपवास, प्रार्थना और स्मरण में जागने की रात।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

दिन भर का उपवास, जल, दूध और बेलपत्र से शिवलिंग का अभिषेक, ॐ नमः शिवाय का जाप, और रात्रि जागरण, मुख्य पूजा मध्यरात्रि (निशीथ) में।

  1. स्वास्थ्य अनुसार दिन भर उपवास
  2. शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें
  3. ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जप
  4. रात भर जागरण, चारों प्रहर की पूजा
  5. अगली सुबह व्रत खोलें

पूरे भारत में

पूरे भारत में मनाई जाती है; ज्योतिर्लिंगों, काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और महाकालेश्वर में, और नेपाल के पशुपतिनाथ में बड़े आयोजन।

प्रश्न

2044 में महाशिवरात्रि कब है?

महाशिवरात्रि शनिवार, 27 फ़रवरी 2044 को है, कृष्ण चतुर्दशी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2045 में महाशिवरात्रि कब है?

महाशिवरात्रि मंगलवार, 14 फ़रवरी 2045 को है, कृष्ण चतुर्दशी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

महाशिवरात्रि पर निशीथ पूजा का समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: शनिवार, 27 फ़रवरी को 00:08 – 00:58। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।

महाशिवरात्रि क्या है?

शिव की महान रात्रि, फाल्गुन (अमांत पंचांग में माघ) की अमावस्या से पहले कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को। परंपरा इसे शिव के तांडव की और पार्वती से उनके विवाह की रात के रूप में याद करती है।

2046 में महाशिवरात्रि कब है?

सोमवार, 5 मार्च 2046 · निशीथ पूजा 00:07 – 00:56. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2047 में महाशिवरात्रि कब है?

शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2047 · निशीथ पूजा 00:09 – 00:59. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2048 में महाशिवरात्रि कब है?

बुधवार, 12 फ़रवरी 2048 · निशीथ पूजा 00:09 – 01:00. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में महाशिवरात्रि कैसे मनाया जाता है?

पूरे भारत में मनाई जाती है; ज्योतिर्लिंगों, काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और महाकालेश्वर में, और नेपाल के पशुपतिनाथ में बड़े आयोजन।

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