कार्तिक पूर्णिमा 2044: तिथि और पूजा मुहूर्त
कार्तिक की पूर्णिमा; इसकी शाम देव दीपावली, देवताओं की दीवाली, मनाई जाती है।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
कार्तिक पूर्णिमा 2044
शनिवार, 5 नवंबर 2044
कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा: 20:03, 4 नवंबर – 17:56, 5 नवंबर
कार्तिक पूर्णिमा 2045
शुक्रवार, 24 नवंबर 2045
कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा: 18:04, 23 नवंबर – 17:13, 24 नवंबर
कार्तिक पूर्णिमा की तिथियाँ 2044–2048
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2044 | शनिवार, 5 नवंबर 2044 |
| 2045 | शुक्रवार, 24 नवंबर 2045 |
| 2046 | मंगलवार, 13 नवंबर 2046 |
| 2047 | शनिवार, 2 नवंबर 2047 |
| 2048 | शुक्रवार, 20 नवंबर 2048 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में कार्तिक पूर्णिमा 2044
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | शनिवार, 5 नवंबर 2044 |
| मुंबई | शनिवार, 5 नवंबर 2044 |
| कोलकाता | शनिवार, 5 नवंबर 2044 |
| चेन्नई | शनिवार, 5 नवंबर 2044 |
| बेंगलुरु | शनिवार, 5 नवंबर 2044 |
| हैदराबाद | शनिवार, 5 नवंबर 2044 |
| पुणे | शनिवार, 5 नवंबर 2044 |
| अहमदाबाद | शनिवार, 5 नवंबर 2044 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
कार्तिक की पूर्णिमा; इसकी शाम देव दीपावली, देवताओं की दीवाली, मनाई जाती है। परंपरा मानती है कि देवता गंगा में स्नान करने उतरते हैं; सिखों के लिए यह गुरु नानक जयंती भी है।
इसका महत्व
पवित्र कार्तिक मास को समाप्त करने वाली पूर्णिमा: जल पर दीप और पवित्र स्नान।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
पवित्र स्नान, शाम को नदी तटों पर दीपदान, विशेष रूप से वाराणसी में, और दान।
- भोर में पवित्र स्नान
- नदी या तालाब में दीपदान
- विष्णु और शिव की पूजा
- दान करें
पूरे भारत में
वाराणसी के घाटों पर देव दीपावली; सिखों के लिए गुरु नानक जयंती; दक्षिण में त्रिपुरी पूर्णिमा।
प्रश्न
2044 में कार्तिक पूर्णिमा कब है?
कार्तिक पूर्णिमा शनिवार, 5 नवंबर 2044 को है, शुक्ल पूर्णिमा तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
2045 में कार्तिक पूर्णिमा कब है?
कार्तिक पूर्णिमा शुक्रवार, 24 नवंबर 2045 को है, शुक्ल पूर्णिमा तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
कार्तिक पूर्णिमा क्या है?
कार्तिक की पूर्णिमा; इसकी शाम देव दीपावली, देवताओं की दीवाली, मनाई जाती है। परंपरा मानती है कि देवता गंगा में स्नान करने उतरते हैं; सिखों के लिए यह गुरु नानक जयंती भी है।
कार्तिक पूर्णिमा परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?
पवित्र स्नान, शाम को नदी तटों पर दीपदान, विशेष रूप से वाराणसी में, और दान।
2046 में कार्तिक पूर्णिमा कब है?
मंगलवार, 13 नवंबर 2046. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2047 में कार्तिक पूर्णिमा कब है?
शनिवार, 2 नवंबर 2047. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2048 में कार्तिक पूर्णिमा कब है?
शुक्रवार, 20 नवंबर 2048. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
पूरे भारत में कार्तिक पूर्णिमा कैसे मनाया जाता है?
वाराणसी के घाटों पर देव दीपावली; सिखों के लिए गुरु नानक जयंती; दक्षिण में त्रिपुरी पूर्णिमा।