कृष्ण जन्माष्टमी 2086: तिथि और पूजा मुहूर्त

श्री कृष्ण का जन्म, भाद्रपद (अमांत पंचांग में श्रावण) कृष्ण पक्ष की अष्टमी को।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

कृष्ण जन्माष्टमी 2086

शनिवार, 31 अगस्त 2086 · निशीथ पूजा 23:58 – 00:44

श्रावण कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमांत भाद्रपद): 02:02, 31 अगस्त – 00:53, 1 सितंबर

मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र परंपरागत रूप से देखा जाता है

कृष्ण जन्माष्टमी 2087

गुरुवार, 21 अगस्त 2087 · निशीथ पूजा 00:02 – 00:46

श्रावण कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमांत भाद्रपद): 22:08, 20 अगस्त – 20:03, 21 अगस्त

मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र परंपरागत रूप से देखा जाता है

कृष्ण जन्माष्टमी की तिथियाँ 2086–2090

वर्षतिथि और मुहूर्त
2086शनिवार, 31 अगस्त 2086 · निशीथ पूजा 23:58 – 00:44
2087गुरुवार, 21 अगस्त 2087 · निशीथ पूजा 00:02 – 00:46
2088मंगलवार, 7 सितंबर 2088 · निशीथ पूजा 23:56 – 00:41
2089सोमवार, 29 अगस्त 2089 · निशीथ पूजा 23:59 – 00:44
2090शुक्रवार, 18 अगस्त 2090 · निशीथ पूजा 00:03 – 00:46

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में कृष्ण जन्माष्टमी 2086

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीशनिवार, 31 अगस्त 2086 · निशीथ पूजा 23:58 – 00:44
मुंबईशनिवार, 31 अगस्त 2086 · निशीथ पूजा 00:15 – 01:01
कोलकाताशनिवार, 31 अगस्त 2086 · निशीथ पूजा 23:14 – 23:59
चेन्नईशनिवार, 31 अगस्त 2086 · निशीथ पूजा 23:45 – 00:32
बेंगलुरुशनिवार, 31 अगस्त 2086 · निशीथ पूजा 23:56 – 00:43
हैदराबादशनिवार, 31 अगस्त 2086 · निशीथ पूजा 23:53 – 00:39
पुणेशनिवार, 31 अगस्त 2086 · निशीथ पूजा 00:11 – 00:57
अहमदाबादशनिवार, 31 अगस्त 2086 · निशीथ पूजा 00:17 – 01:02

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

श्री कृष्ण का जन्म, भाद्रपद (अमांत पंचांग में श्रावण) कृष्ण पक्ष की अष्टमी को। कहा जाता है कि कृष्ण का जन्म मथुरा में मध्यरात्रि को, रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।

इसका महत्व

आधी रात को कृष्ण का जन्म, जो भक्ति, गीत और आनंद से मनाया जाता है।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

दिन भर का उपवास, भजन, सजाया हुआ पालना, और मुख्य पूजा मध्यरात्रि में; कई जगह अगले दिन दही हांडी।

  1. स्वास्थ्य अनुसार दिन भर उपवास
  2. पालना और घर सजाएँ
  3. भजन गाएँ और कृष्ण की बाल लीलाएँ पढ़ें
  4. कृष्ण के जन्म समय, निशीथ में पूजा
  5. आधी रात की पूजा के बाद व्रत खोलें

पूरे भारत में

अगले दिन महाराष्ट्र में दही हांडी; मथुरा, वृंदावन और द्वारका में भव्य उत्सव।

प्रश्न

2086 में कृष्ण जन्माष्टमी कब है?

कृष्ण जन्माष्टमी शनिवार, 31 अगस्त 2086 को है, कृष्ण अष्टमी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2087 में कृष्ण जन्माष्टमी कब है?

कृष्ण जन्माष्टमी गुरुवार, 21 अगस्त 2087 को है, कृष्ण अष्टमी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

कृष्ण जन्माष्टमी पर निशीथ पूजा का समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: शनिवार, 31 अगस्त को 23:58 – 00:44। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।

कृष्ण जन्माष्टमी क्या है?

श्री कृष्ण का जन्म, भाद्रपद (अमांत पंचांग में श्रावण) कृष्ण पक्ष की अष्टमी को। कहा जाता है कि कृष्ण का जन्म मथुरा में मध्यरात्रि को, रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।

2088 में कृष्ण जन्माष्टमी कब है?

मंगलवार, 7 सितंबर 2088 · निशीथ पूजा 23:56 – 00:41. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2089 में कृष्ण जन्माष्टमी कब है?

सोमवार, 29 अगस्त 2089 · निशीथ पूजा 23:59 – 00:44. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2090 में कृष्ण जन्माष्टमी कब है?

शुक्रवार, 18 अगस्त 2090 · निशीथ पूजा 00:03 – 00:46. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में कृष्ण जन्माष्टमी कैसे मनाया जाता है?

अगले दिन महाराष्ट्र में दही हांडी; मथुरा, वृंदावन और द्वारका में भव्य उत्सव।

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