होलिका दहन 2052: तिथि और पूजा मुहूर्त

फाल्गुन पूर्णिमा की शाम का अलाव, होली से पहले की रात।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

होलिका दहन 2052

गुरुवार, 14 मार्च 2052 · होलिका दहन 18:29 – 20:53

फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा: 14:26, 14 मार्च – 15:24, 15 मार्च

होलिका दहन 2053

मंगलवार, 4 मार्च 2053 · होलिका दहन 18:23 – 20:50

फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा: 00:24, 4 मार्च – 22:39, 4 मार्च

होलिका दहन की तिथियाँ 2052–2056

वर्षतिथि और मुहूर्त
2052गुरुवार, 14 मार्च 2052 · होलिका दहन 18:29 – 20:53
2053मंगलवार, 4 मार्च 2053 · होलिका दहन 18:23 – 20:50
2054सोमवार, 23 मार्च 2054 · होलिका दहन 18:34 – 20:55
2055शुक्रवार, 12 मार्च 2055 · होलिका दहन 18:27 – 20:52
2056बुधवार, 1 मार्च 2056 · होलिका दहन 19:34 – 20:50

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में होलिका दहन 2052

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीगुरुवार, 14 मार्च 2052 · होलिका दहन 18:29 – 20:53
मुंबईगुरुवार, 14 मार्च 2052 · होलिका दहन 18:48 – 21:11
कोलकातागुरुवार, 14 मार्च 2052 · होलिका दहन 17:45 – 20:09
चेन्नईगुरुवार, 14 मार्च 2052 · होलिका दहन 18:19 – 20:42
बेंगलुरुगुरुवार, 14 मार्च 2052 · होलिका दहन 18:30 – 20:53
हैदराबादगुरुवार, 14 मार्च 2052 · होलिका दहन 18:26 – 20:49
पुणेगुरुवार, 14 मार्च 2052 · होलिका दहन 18:44 – 21:07
अहमदाबादगुरुवार, 14 मार्च 2052 · होलिका दहन 18:48 – 21:12

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

फाल्गुन पूर्णिमा की शाम का अलाव, होली से पहले की रात। यह प्रह्लाद की याद दिलाता है, जिनकी आस्था ने उन्हें उस आग में सुरक्षित रखा जिसमें होलिका जल गई।

इसका महत्व

अहंकार पर आस्था की जीत, जिसे होली की पूर्व संध्या पर होलिका दहन से याद किया जाता है।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

शाम के मुहूर्त में (परंपरा के अनुसार भद्रा के बाहर) अलाव जलाया जाता है, और अनाज, नारियल और उपलों की आहुति के साथ उसकी परिक्रमा।

  1. होलिका के लिए लकड़ी और उपले इकट्ठा करें
  2. रोली, चावल, फूल से पूजा करें और चारों ओर धागा लपेटें
  3. भद्रा से बचकर संध्या मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित करें
  4. अग्नि की परिक्रमा करें और नया अनाज अर्पित करें
  5. आशीर्वाद के रूप में राख घर ले जाएँ

पूरे भारत में

उत्तर में छोटी होली और दक्षिण के कुछ हिस्सों में कामदहन के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न

2052 में होलिका दहन कब है?

होलिका दहन गुरुवार, 14 मार्च 2052 को है, शुक्ल पूर्णिमा तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

2053 में होलिका दहन कब है?

होलिका दहन मंगलवार, 4 मार्च 2053 को है, शुक्ल पूर्णिमा तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

होलिका दहन पर होलिका दहन का समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: गुरुवार, 14 मार्च को 18:29 – 20:53। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।

होलिका दहन क्या है?

फाल्गुन पूर्णिमा की शाम का अलाव, होली से पहले की रात। यह प्रह्लाद की याद दिलाता है, जिनकी आस्था ने उन्हें उस आग में सुरक्षित रखा जिसमें होलिका जल गई।

2054 में होलिका दहन कब है?

सोमवार, 23 मार्च 2054 · होलिका दहन 18:34 – 20:55. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2055 में होलिका दहन कब है?

शुक्रवार, 12 मार्च 2055 · होलिका दहन 18:27 – 20:52. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

2056 में होलिका दहन कब है?

बुधवार, 1 मार्च 2056 · होलिका दहन 19:34 – 20:50. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

पूरे भारत में होलिका दहन कैसे मनाया जाता है?

उत्तर में छोटी होली और दक्षिण के कुछ हिस्सों में कामदहन के नाम से जाना जाता है।

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