हरतालिका तीज 2100: तिथि और पूजा मुहूर्त

भाद्रपद शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन का व्रत, मुख्य रूप से स्त्रियाँ रखती हैं।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

हरतालिका तीज 2100

सोमवार, 6 सितंबर 2100

भाद्रपद शुक्ल तृतीया: 08:49, 6 सितंबर – 05:49, 7 सितंबर

हरतालिका तीज की तिथियाँ 2100–2104

वर्षतिथि और मुहूर्त
2100सोमवार, 6 सितंबर 2100

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में हरतालिका तीज 2100

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीसोमवार, 6 सितंबर 2100
मुंबईसोमवार, 6 सितंबर 2100
कोलकातामंगलवार, 7 सितंबर 2100
चेन्नईसोमवार, 6 सितंबर 2100
बेंगलुरुसोमवार, 6 सितंबर 2100
हैदराबादसोमवार, 6 सितंबर 2100
पुणेसोमवार, 6 सितंबर 2100
अहमदाबादसोमवार, 6 सितंबर 2100

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

भाद्रपद शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन का व्रत, मुख्य रूप से स्त्रियाँ रखती हैं। यह शिव के प्रति पार्वती की निष्ठा की याद दिलाता है, जिससे उन्होंने शिव को पति रूप में पाया।

इसका महत्व

स्त्रियाँ शिव से विवाह के पार्वती के संकल्प को याद करती हैं और सुखी दांपत्य की प्रार्थना करती हैं।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

उपवास, मिट्टी की प्रतिमाओं से शिव और पार्वती की पूजा, और तीज कथा।

  1. स्वास्थ्य अनुसार निर्जल व्रत
  2. शिव-पार्वती की मिट्टी की प्रतिमा बनाएँ
  3. संध्या पूजा और तीज कथा सुनें
  4. गीतों के साथ रात्रि जागरण
  5. अगली सुबह व्रत खोलें

पूरे भारत में

मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में मनाई जाती है।

प्रश्न

2100 में हरतालिका तीज कब है?

हरतालिका तीज सोमवार, 6 सितंबर 2100 को है, शुक्ल तृतीया तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

हरतालिका तीज क्या है?

भाद्रपद शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन का व्रत, मुख्य रूप से स्त्रियाँ रखती हैं। यह शिव के प्रति पार्वती की निष्ठा की याद दिलाता है, जिससे उन्होंने शिव को पति रूप में पाया।

हरतालिका तीज परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?

उपवास, मिट्टी की प्रतिमाओं से शिव और पार्वती की पूजा, और तीज कथा।

पूरे भारत में हरतालिका तीज कैसे मनाया जाता है?

मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में मनाई जाती है।

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