हरतालिका तीज 2042: तिथि और पूजा मुहूर्त
भाद्रपद शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन का व्रत, मुख्य रूप से स्त्रियाँ रखती हैं।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
हरतालिका तीज 2042
बुधवार, 17 सितंबर 2042
भाद्रपद शुक्ल तृतीया: 19:10, 16 सितंबर – 21:51, 17 सितंबर
हरतालिका तीज 2043
रविवार, 6 सितंबर 2043
भाद्रपद शुक्ल तृतीया: 19:27, 5 सितंबर – 20:39, 6 सितंबर
हरतालिका तीज की तिथियाँ 2042–2046
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2042 | बुधवार, 17 सितंबर 2042 |
| 2043 | रविवार, 6 सितंबर 2043 |
| 2044 | गुरुवार, 25 अगस्त 2044 |
| 2045 | बुधवार, 13 सितंबर 2045 |
| 2046 | सोमवार, 3 सितंबर 2046 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में हरतालिका तीज 2042
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | बुधवार, 17 सितंबर 2042 |
| मुंबई | बुधवार, 17 सितंबर 2042 |
| कोलकाता | बुधवार, 17 सितंबर 2042 |
| चेन्नई | बुधवार, 17 सितंबर 2042 |
| बेंगलुरु | बुधवार, 17 सितंबर 2042 |
| हैदराबाद | बुधवार, 17 सितंबर 2042 |
| पुणे | बुधवार, 17 सितंबर 2042 |
| अहमदाबाद | बुधवार, 17 सितंबर 2042 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
भाद्रपद शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन का व्रत, मुख्य रूप से स्त्रियाँ रखती हैं। यह शिव के प्रति पार्वती की निष्ठा की याद दिलाता है, जिससे उन्होंने शिव को पति रूप में पाया।
इसका महत्व
स्त्रियाँ शिव से विवाह के पार्वती के संकल्प को याद करती हैं और सुखी दांपत्य की प्रार्थना करती हैं।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
उपवास, मिट्टी की प्रतिमाओं से शिव और पार्वती की पूजा, और तीज कथा।
- स्वास्थ्य अनुसार निर्जल व्रत
- शिव-पार्वती की मिट्टी की प्रतिमा बनाएँ
- संध्या पूजा और तीज कथा सुनें
- गीतों के साथ रात्रि जागरण
- अगली सुबह व्रत खोलें
पूरे भारत में
मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में मनाई जाती है।
प्रश्न
2042 में हरतालिका तीज कब है?
हरतालिका तीज बुधवार, 17 सितंबर 2042 को है, शुक्ल तृतीया तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
2043 में हरतालिका तीज कब है?
हरतालिका तीज रविवार, 6 सितंबर 2043 को है, शुक्ल तृतीया तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
हरतालिका तीज क्या है?
भाद्रपद शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन का व्रत, मुख्य रूप से स्त्रियाँ रखती हैं। यह शिव के प्रति पार्वती की निष्ठा की याद दिलाता है, जिससे उन्होंने शिव को पति रूप में पाया।
हरतालिका तीज परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?
उपवास, मिट्टी की प्रतिमाओं से शिव और पार्वती की पूजा, और तीज कथा।
2044 में हरतालिका तीज कब है?
गुरुवार, 25 अगस्त 2044. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2045 में हरतालिका तीज कब है?
बुधवार, 13 सितंबर 2045. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2046 में हरतालिका तीज कब है?
सोमवार, 3 सितंबर 2046. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
पूरे भारत में हरतालिका तीज कैसे मनाया जाता है?
मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में मनाई जाती है।