गोवर्धन पूजा 2100: तिथि और पूजा मुहूर्त
दीवाली के अगले दिन, कार्तिक शुक्ल पक्ष का पहला दिन।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
गोवर्धन पूजा 2100
मंगलवार, 2 नवंबर 2100 · पूजा 06:33 – 08:45
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा: 08:46, 2 नवंबर – 04:51, 3 नवंबर
गोवर्धन पूजा की तिथियाँ 2100–2104
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2100 | मंगलवार, 2 नवंबर 2100 · पूजा 06:33 – 08:45 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में गोवर्धन पूजा 2100
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | मंगलवार, 2 नवंबर 2100 · पूजा 06:33 – 08:45 |
| मुंबई | मंगलवार, 2 नवंबर 2100 · पूजा 06:38 – 08:56 |
| कोलकाता | मंगलवार, 2 नवंबर 2100 · पूजा 05:41 – 07:56 |
| चेन्नई | मंगलवार, 2 नवंबर 2100 · पूजा 06:02 – 08:22 |
| बेंगलुरु | मंगलवार, 2 नवंबर 2100 · पूजा 06:13 – 08:33 |
| हैदराबाद | मंगलवार, 2 नवंबर 2100 · पूजा 06:14 – 08:32 |
| पुणे | मंगलवार, 2 नवंबर 2100 · पूजा 06:34 – 08:51 |
| अहमदाबाद | मंगलवार, 2 नवंबर 2100 · पूजा 06:44 – 09:00 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
दीवाली के अगले दिन, कार्तिक शुक्ल पक्ष का पहला दिन। यह कृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रज के लोगों को इंद्र के तूफ़ानों से बचाने की याद दिलाता है।
इसका महत्व
इंद्र के प्रकोप से ब्रज के लोगों को बचाने के लिए कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की स्मृति।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
सुबह कृष्ण को अन्नकूट (भोजन का पर्वत) का भोग, और गायों की पूजा।
- गोबर या अन्न से गोवर्धन का छोटा पर्वत बनाएँ
- पूजा करते हुए उसकी परिक्रमा करें
- अन्नकूट — अनेक पकवानों का 'पर्वत' — तैयार करें
- भोग लगाकर प्रसाद बाँटें
पूरे भारत में
महाराष्ट्र में बलि प्रतिपदा या पाडवा, और गुजराती नववर्ष (बेस्तु वरस)।
प्रश्न
2100 में गोवर्धन पूजा कब है?
गोवर्धन पूजा मंगलवार, 2 नवंबर 2100 को है, शुक्ल प्रतिपदा तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
गोवर्धन पूजा पर पूजा का समय क्या है?
नई दिल्ली के लिए: मंगलवार, 2 नवंबर को 06:33 – 08:45। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।
गोवर्धन पूजा क्या है?
दीवाली के अगले दिन, कार्तिक शुक्ल पक्ष का पहला दिन। यह कृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रज के लोगों को इंद्र के तूफ़ानों से बचाने की याद दिलाता है।
गोवर्धन पूजा परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?
सुबह कृष्ण को अन्नकूट (भोजन का पर्वत) का भोग, और गायों की पूजा।
पूरे भारत में गोवर्धन पूजा कैसे मनाया जाता है?
महाराष्ट्र में बलि प्रतिपदा या पाडवा, और गुजराती नववर्ष (बेस्तु वरस)।