गणेश चतुर्थी 2044: तिथि और पूजा मुहूर्त
भगवान गणेश का जन्म, भाद्रपद शुक्ल पक्ष के चौथे दिन।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
गणेश चतुर्थी 2044
शुक्रवार, 26 अगस्त 2044 · मध्याह्न गणेश पूजा 11:05 – 13:39
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी: 00:34, 26 अगस्त – 23:48, 26 अगस्त
गणेश चतुर्थी 2045
गुरुवार, 14 सितंबर 2045 · मध्याह्न गणेश पूजा 11:02 – 13:30
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी: 21:50, 13 सितंबर – 19:49, 14 सितंबर
गणेश चतुर्थी की तिथियाँ 2044–2048
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2044 | शुक्रवार, 26 अगस्त 2044 · मध्याह्न गणेश पूजा 11:05 – 13:39 |
| 2045 | गुरुवार, 14 सितंबर 2045 · मध्याह्न गणेश पूजा 11:02 – 13:30 |
| 2046 | सोमवार, 3 सितंबर 2046 · मध्याह्न गणेश पूजा 12:56 – 13:36 |
| 2047 | शनिवार, 24 अगस्त 2047 · मध्याह्न गणेश पूजा 11:05 – 13:41 |
| 2048 | शुक्रवार, 11 सितंबर 2048 · मध्याह्न गणेश पूजा 11:02 – 13:32 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में गणेश चतुर्थी 2044
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | शुक्रवार, 26 अगस्त 2044 · मध्याह्न गणेश पूजा 11:05 – 13:39 |
| मुंबई | शुक्रवार, 26 अगस्त 2044 · मध्याह्न गणेश पूजा 11:24 – 13:55 |
| कोलकाता | शुक्रवार, 26 अगस्त 2044 · मध्याह्न गणेश पूजा 10:21 – 12:54 |
| चेन्नई | शुक्रवार, 26 अगस्त 2044 · मध्याह्न गणेश पूजा 10:55 – 13:25 |
| बेंगलुरु | शुक्रवार, 26 अगस्त 2044 · मध्याह्न गणेश पूजा 11:06 – 13:35 |
| हैदराबाद | शुक्रवार, 26 अगस्त 2044 · मध्याह्न गणेश पूजा 11:02 – 13:32 |
| पुणे | शुक्रवार, 26 अगस्त 2044 · मध्याह्न गणेश पूजा 11:20 – 13:51 |
| अहमदाबाद | शुक्रवार, 26 अगस्त 2044 · मध्याह्न गणेश पूजा 11:25 – 13:57 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
भगवान गणेश का जन्म, भाद्रपद शुक्ल पक्ष के चौथे दिन। विघ्नहर्ता गणेश का घर में स्वागत होता है; यह उत्सव दस दिन तक चलता है।
इसका महत्व
विघ्नहर्ता गणेश का एक से दस दिन के लिए घर में स्वागत।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
दोपहर में पूजा के साथ गणेश प्रतिमा की स्थापना, मोदक का भोग, और अंतिम दिन विसर्जन; परंपरा के अनुसार इस रात चंद्रमा को नहीं देखा जाता।
- मध्याह्न मुहूर्त में गणेश प्रतिमा की स्थापना
- मोदक, दूर्वा और लाल फूल अर्पित करें
- सुबह-शाम आरती
- परंपरा अनुसार चतुर्थी की रात चंद्रमा न देखें
- चुने हुए दिन विसर्जन
पूरे भारत में
महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र में भव्य रूप से; दक्षिण में विनायक चतुर्थी के नाम से।
प्रश्न
2044 में गणेश चतुर्थी कब है?
गणेश चतुर्थी शुक्रवार, 26 अगस्त 2044 को है, शुक्ल चतुर्थी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
2045 में गणेश चतुर्थी कब है?
गणेश चतुर्थी गुरुवार, 14 सितंबर 2045 को है, शुक्ल चतुर्थी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न गणेश पूजा का समय क्या है?
नई दिल्ली के लिए: शुक्रवार, 26 अगस्त को 11:05 – 13:39। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।
गणेश चतुर्थी क्या है?
भगवान गणेश का जन्म, भाद्रपद शुक्ल पक्ष के चौथे दिन। विघ्नहर्ता गणेश का घर में स्वागत होता है; यह उत्सव दस दिन तक चलता है।
2046 में गणेश चतुर्थी कब है?
सोमवार, 3 सितंबर 2046 · मध्याह्न गणेश पूजा 12:56 – 13:36. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2047 में गणेश चतुर्थी कब है?
शनिवार, 24 अगस्त 2047 · मध्याह्न गणेश पूजा 11:05 – 13:41. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2048 में गणेश चतुर्थी कब है?
शुक्रवार, 11 सितंबर 2048 · मध्याह्न गणेश पूजा 11:02 – 13:32. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
पूरे भारत में गणेश चतुर्थी कैसे मनाया जाता है?
महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र में भव्य रूप से; दक्षिण में विनायक चतुर्थी के नाम से।