दशहरा (विजयादशमी) 2100: तिथि और पूजा मुहूर्त

आश्विन शुक्ल पक्ष का दसवाँ दिन, विजय का दिन।

नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय

दशहरा (विजयादशमी) 2100

मंगलवार, 12 अक्टूबर 2100 · विजय मुहूर्त 14:03 – 14:49

आश्विन शुक्ल दशमी: 01:14, 12 अक्टूबर – 01:29, 13 अक्टूबर

दशहरा (विजयादशमी) की तिथियाँ 2100–2104

वर्षतिथि और मुहूर्त
2100मंगलवार, 12 अक्टूबर 2100 · विजय मुहूर्त 14:03 – 14:49

नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।

प्रमुख शहरों में दशहरा (विजयादशमी) 2100

शहरतिथि और मुहूर्त
नई दिल्लीमंगलवार, 12 अक्टूबर 2100 · विजय मुहूर्त 14:03 – 14:49
मुंबईमंगलवार, 12 अक्टूबर 2100 · विजय मुहूर्त 14:22 – 15:09
कोलकातामंगलवार, 12 अक्टूबर 2100 · विजय मुहूर्त 13:20 – 14:06
चेन्नईमंगलवार, 12 अक्टूबर 2100 · विजय मुहूर्त 13:54 – 14:41
बेंगलुरुमंगलवार, 12 अक्टूबर 2100 · विजय मुहूर्त 14:04 – 14:52
हैदराबादमंगलवार, 12 अक्टूबर 2100 · विजय मुहूर्त 14:00 – 14:47
पुणेमंगलवार, 12 अक्टूबर 2100 · विजय मुहूर्त 14:18 – 15:05
अहमदाबादमंगलवार, 12 अक्टूबर 2100 · विजय मुहूर्त 14:23 – 15:09

तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।

यह क्या है

आश्विन शुक्ल पक्ष का दसवाँ दिन, विजय का दिन। यह रावण पर राम की और महिषासुर पर दुर्गा की विजय का दिन है: बुराई पर अच्छाई की जीत।

इसका महत्व

विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत मनाती है: रावण पर राम की और महिषासुर पर दुर्गा की।

परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है

शाम को रावण के पुतलों का दहन, कई जगह शस्त्र और औज़ारों की पूजा (आयुध पूजा), और विजय मुहूर्त में नई शुरुआत।

  1. परंपरा अनुसार औज़ारों और शस्त्रों की पूजा (आयुध पूजा)
  2. रामलीला और रावण दहन देखें या उसमें शामिल हों
  3. 'सोने' के रूप में शमी या आपटा के पत्ते बाँटें
  4. नई पढ़ाई या काम शुरू करें

पूरे भारत में

कर्नाटक में मैसूर दशहरा, हिमाचल में कुल्लू दशहरा, बंगाल में प्रतिमा विसर्जन के साथ बिजया दशमी।

प्रश्न

2100 में दशहरा (विजयादशमी) कब है?

दशहरा (विजयादशमी) मंगलवार, 12 अक्टूबर 2100 को है, शुक्ल दशमी तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।

दशहरा (विजयादशमी) पर विजय मुहूर्त का समय क्या है?

नई दिल्ली के लिए: मंगलवार, 12 अक्टूबर को 14:03 – 14:49। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।

दशहरा (विजयादशमी) क्या है?

आश्विन शुक्ल पक्ष का दसवाँ दिन, विजय का दिन। यह रावण पर राम की और महिषासुर पर दुर्गा की विजय का दिन है: बुराई पर अच्छाई की जीत।

दशहरा (विजयादशमी) परंपरागत रूप से कैसे मनाते हैं?

शाम को रावण के पुतलों का दहन, कई जगह शस्त्र और औज़ारों की पूजा (आयुध पूजा), और विजय मुहूर्त में नई शुरुआत।

पूरे भारत में दशहरा (विजयादशमी) कैसे मनाया जाता है?

कर्नाटक में मैसूर दशहरा, हिमाचल में कुल्लू दशहरा, बंगाल में प्रतिमा विसर्जन के साथ बिजया दशमी।

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