दीवाली 2054: तिथि और पूजा मुहूर्त
रोशनी का त्योहार, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) की अमावस्या को।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
दीवाली 2054
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2054 · लक्ष्मी पूजा 18:31 – 20:12
आश्विन कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत कार्तिक): 04:01, 30 अक्टूबर – 01:31, 31 अक्टूबर
दीवाली 2055
मंगलवार, 19 अक्टूबर 2055 · लक्ष्मी पूजा 20:12 – 20:19
आश्विन कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत कार्तिक): 20:12, 19 अक्टूबर – 16:19, 20 अक्टूबर
दीवाली की तिथियाँ 2054–2058
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2054 | शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2054 · लक्ष्मी पूजा 18:31 – 20:12 |
| 2055 | मंगलवार, 19 अक्टूबर 2055 · लक्ष्मी पूजा 20:12 – 20:19 |
| 2056 | मंगलवार, 7 नवंबर 2056 · लक्ष्मी पूजा 17:31 – 17:50 |
| 2057 | शनिवार, 27 अक्टूबर 2057 · लक्ष्मी पूजा 18:42 – 20:14 |
| 2058 | शुक्रवार, 15 नवंबर 2058 · लक्ष्मी पूजा 17:28 – 19:24 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में दीवाली 2054
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2054 · लक्ष्मी पूजा 18:31 – 20:12 |
| मुंबई | शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2054 · लक्ष्मी पूजा 19:04 – 20:36 |
| कोलकाता | शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2054 · लक्ष्मी पूजा 17:56 – 19:32 |
| चेन्नई | शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2054 · लक्ष्मी पूजा 18:43 – 20:10 |
| बेंगलुरु | शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2054 · लक्ष्मी पूजा 18:54 – 20:21 |
| हैदराबाद | शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2054 · लक्ष्मी पूजा 18:44 – 20:15 |
| पुणे | शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2054 · लक्ष्मी पूजा 19:00 – 20:33 |
| अहमदाबाद | शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2054 · लक्ष्मी पूजा 18:59 – 20:35 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
रोशनी का त्योहार, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) की अमावस्या को। यह राम के अयोध्या लौटने का उत्सव है और समृद्धि की देवी लक्ष्मी का स्वागत करता है।
इसका महत्व
रोशनी का त्योहार: राम की अयोध्या वापसी, और साफ़-सुथरे, उजले घरों में लक्ष्मी के स्वागत की संध्या।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
घरों की सफ़ाई और दीपों से रोशनी, द्वार पर रंगोली, और शाम के (प्रदोष) मुहूर्त में लक्ष्मी पूजा।
- घर की सफ़ाई और सजावट; द्वार पर रंगोली
- घर के भीतर-बाहर दीये जलाएँ
- संध्या (प्रदोष) मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश पूजा
- मिठाई बाँटें और परिवार-मित्रों से मिलें
- परंपरा अनुसार रात भर एक दीप जलता रखें
पूरे भारत में
धनतेरस से भाई दूज तक पाँच दिन का पर्व; उसी रात पश्चिम बंगाल में काली पूजा होती है।
प्रश्न
2054 में दीवाली कब है?
दीवाली शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2054 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
2055 में दीवाली कब है?
दीवाली मंगलवार, 19 अक्टूबर 2055 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
दीवाली पर लक्ष्मी पूजा का समय क्या है?
नई दिल्ली के लिए: शुक्रवार, 30 अक्टूबर को 18:31 – 20:12। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।
दीवाली क्या है?
रोशनी का त्योहार, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) की अमावस्या को। यह राम के अयोध्या लौटने का उत्सव है और समृद्धि की देवी लक्ष्मी का स्वागत करता है।
2056 में दीवाली कब है?
मंगलवार, 7 नवंबर 2056 · लक्ष्मी पूजा 17:31 – 17:50. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2057 में दीवाली कब है?
शनिवार, 27 अक्टूबर 2057 · लक्ष्मी पूजा 18:42 – 20:14. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2058 में दीवाली कब है?
शुक्रवार, 15 नवंबर 2058 · लक्ष्मी पूजा 17:28 – 19:24. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
पूरे भारत में दीवाली कैसे मनाया जाता है?
धनतेरस से भाई दूज तक पाँच दिन का पर्व; उसी रात पश्चिम बंगाल में काली पूजा होती है।