दीवाली 2042: तिथि और पूजा मुहूर्त
रोशनी का त्योहार, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) की अमावस्या को।
नई दिल्ली, भारत के लिए तिथियाँ और समय
दीवाली 2042
बुधवार, 12 नवंबर 2042 · लक्ष्मी पूजा 17:39 – 19:35
आश्विन कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत कार्तिक): 23:30, 11 नवंबर – 01:58, 13 नवंबर
दीवाली 2043
रविवार, 1 नवंबर 2043 · लक्ष्मी पूजा 18:23 – 20:11
आश्विन कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत कार्तिक): 23:22, 31 अक्टूबर – 01:27, 2 नवंबर
दीवाली की तिथियाँ 2042–2046
| वर्ष | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| 2042 | बुधवार, 12 नवंबर 2042 · लक्ष्मी पूजा 17:39 – 19:35 |
| 2043 | रविवार, 1 नवंबर 2043 · लक्ष्मी पूजा 18:23 – 20:11 |
| 2044 | गुरुवार, 20 अक्टूबर 2044 · लक्ष्मी पूजा 19:08 – 20:18 |
| 2045 | बुधवार, 8 नवंबर 2045 · लक्ष्मी पूजा 17:54 – 19:50 |
| 2046 | रविवार, 28 अक्टूबर 2046 · लक्ष्मी पूजा 18:38 – 20:13 |
नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
प्रमुख शहरों में दीवाली 2042
| शहर | तिथि और मुहूर्त |
|---|---|
| नई दिल्ली | बुधवार, 12 नवंबर 2042 · लक्ष्मी पूजा 17:39 – 19:35 |
| मुंबई | बुधवार, 12 नवंबर 2042 · लक्ष्मी पूजा 18:13 – 20:13 |
| कोलकाता | बुधवार, 12 नवंबर 2042 · लक्ष्मी पूजा 17:05 – 19:04 |
| चेन्नई | बुधवार, 12 नवंबर 2042 · लक्ष्मी पूजा 17:52 – 19:54 |
| बेंगलुरु | बुधवार, 12 नवंबर 2042 · लक्ष्मी पूजा 18:03 – 20:05 |
| हैदराबाद | बुधवार, 12 नवंबर 2042 · लक्ष्मी पूजा 17:52 – 19:53 |
| पुणे | बुधवार, 12 नवंबर 2042 · लक्ष्मी पूजा 18:09 – 20:09 |
| अहमदाबाद | बुधवार, 12 नवंबर 2042 · लक्ष्मी पूजा 18:08 – 20:06 |
तिथि आमतौर पर पूरे भारत में एक ही होती है; मुहूर्त का समय हर शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है।
यह क्या है
रोशनी का त्योहार, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) की अमावस्या को। यह राम के अयोध्या लौटने का उत्सव है और समृद्धि की देवी लक्ष्मी का स्वागत करता है।
इसका महत्व
रोशनी का त्योहार: राम की अयोध्या वापसी, और साफ़-सुथरे, उजले घरों में लक्ष्मी के स्वागत की संध्या।
परंपरागत रूप से कैसे मनाया जाता है
घरों की सफ़ाई और दीपों से रोशनी, द्वार पर रंगोली, और शाम के (प्रदोष) मुहूर्त में लक्ष्मी पूजा।
- घर की सफ़ाई और सजावट; द्वार पर रंगोली
- घर के भीतर-बाहर दीये जलाएँ
- संध्या (प्रदोष) मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश पूजा
- मिठाई बाँटें और परिवार-मित्रों से मिलें
- परंपरा अनुसार रात भर एक दीप जलता रखें
पूरे भारत में
धनतेरस से भाई दूज तक पाँच दिन का पर्व; उसी रात पश्चिम बंगाल में काली पूजा होती है।
प्रश्न
2042 में दीवाली कब है?
दीवाली बुधवार, 12 नवंबर 2042 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
2043 में दीवाली कब है?
दीवाली रविवार, 1 नवंबर 2043 को है, कृष्ण अमावस्या तिथि के अनुसार; नई दिल्ली के लिए गणना।
दीवाली पर लक्ष्मी पूजा का समय क्या है?
नई दिल्ली के लिए: बुधवार, 12 नवंबर को 17:39 – 19:35। शहरों के बीच समय थोड़ा बदलता है।
दीवाली क्या है?
रोशनी का त्योहार, कार्तिक (अमांत पंचांग में आश्विन) की अमावस्या को। यह राम के अयोध्या लौटने का उत्सव है और समृद्धि की देवी लक्ष्मी का स्वागत करता है।
2044 में दीवाली कब है?
गुरुवार, 20 अक्टूबर 2044 · लक्ष्मी पूजा 19:08 – 20:18. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2045 में दीवाली कब है?
बुधवार, 8 नवंबर 2045 · लक्ष्मी पूजा 17:54 – 19:50. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
2046 में दीवाली कब है?
रविवार, 28 अक्टूबर 2046 · लक्ष्मी पूजा 18:38 – 20:13. नई दिल्ली के लिए गणना। अपने शहर के लिए ऊपर शहर बदलें।
पूरे भारत में दीवाली कैसे मनाया जाता है?
धनतेरस से भाई दूज तक पाँच दिन का पर्व; उसी रात पश्चिम बंगाल में काली पूजा होती है।